उत्तराखंड में अगले पांच दिन भारी बारिश का दौर, इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट; यात्रा से पहले पढ़ लें ये खबर

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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है। मौसम विभाग ने 3 से 7 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज वर्षा की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

सोमवार सुबह से ही देहरादून सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही वर्षा से मौसम सुहावना हो गया है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कई इलाकों में घने बादल छाए हुए हैं, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में धुंध और कोहरे का असर भी देखने को मिल रहा है। पहाड़ों में कहीं-कहीं तेज बारिश हो रही है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार 3 अगस्त को देहरादून और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर पड़ने की संभावना है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 4 अगस्त को देहरादून, टिहरी, नैनीताल और बागेश्वर, 5 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर, 6 अगस्त को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पौड़ी, जबकि 7 अगस्त को देहरादून, टिहरी और बागेश्वर जिलों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कें बंद होने, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और फ्लैश फ्लड जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। विशेष रूप से चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को नदी-नालों के जलस्तर, मौसम की स्थिति और सड़क मार्गों की लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।