गौला नदी ने धारण किया विकराल रूप, बिंदुखत्ता में कई घरों और खेती की जमीन को नुकसान,…VIDEO

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लालकुआं। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से नदियां-नाले उफान पर हैं। पहाड़ों पर भारी बरसात के बाद सिंचाई विभाग ने काठगोदाम बैराज से पानी छोड़ा, जिससे कुमाऊं की सबसे बड़ी गौला नदी ने विकराल रूप ले लिया है।

गौला नदी का सबसे ज्यादा असर बिंदुखत्ता क्षेत्र में देखने को मिल रहा है, जहां नदी ने ग्रामीण इलाकों की ओर रुख कर लिया है। इंदिरा नगर क्षेत्र में नदी ने बड़ी मात्रा में कृषि भूमि बहा दी है, साथ ही आधा दर्जन से अधिक मकान इसकी चपेट में आ गए। जिला प्रशासन ने प्रभावित घरों को खाली करा लिया है। कई लोग अपने घर खुद तोड़कर जरूरी सामान निकालने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने नदी का बहाव जंगल की ओर मोड़ने की बजाय गांव की ओर छोड़ दिया। उनका कहना है कि हर बार किसानों की जमीन कटने के बाद ही जिम्मेदार लोग मशीनें लेकर आते हैं और वाहवाही लूटते हैं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पिछले साल भी नदी ने भारी तबाही मचाई थी, लेकिन सुरक्षा तटबंध आज तक नहीं बने। कुछ जगह तटबंध बनाए गए थे, लेकिन घटिया निर्माण के कारण नदी के बहाव में बह गए। अब हालात यह हैं कि ग्रामीणों की कई एकड़ जमीन नदी में समा चुकी है और नदी किनारे बसे लोग पूरी रात जागकर गुजारने को मजबूर हैं।

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