गौला नदी का रौद्र रूप, बिंदुखत्ता में तेज भू-कटाव से मचा हड़कंप; कई एकड़ जमीन नदी में समाई

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लालकुआं। पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के बाद गौला नदी का जलस्तर इस सीजन में पहली बार बेहद तेजी से बढ़ गया है। नदी के उफान पर आने के साथ ही बिंदुखत्ता क्षेत्र में जबरदस्त भू-कटाव शुरू हो गया है। कई जगह ग्रामीणों की जमीन और फसलें नदी की तेज धार में समा चुकी हैं। इससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

भारी बारिश के बाद गौला नदी पूरी तरह उफान पर है। बिंदुखत्ता की ओर मजबूत तटबंध नहीं होने के कारण नदी की तेज धार लगातार तटीय जमीन को काट रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक कई एकड़ कृषि भूमि नदी में समा चुकी है और भू-कटाव लगातार जारी है।

इंदिरानगर से तीन मंदिर तक खतरा
वर्तमान में इंदिरानगर द्वितीय, खुरियाखत्ता, रावत नगर और तीन मंदिर क्षेत्र में भू-कटाव का असर दिखाई दे रहा है। नदी की तेज धार से जमीन लगातार कट रही है। ग्रामीणों को आशंका है कि बारिश और जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है।

तटबंध को लेकर विधायक से भी सवाल
गौला नदी के लगातार बढ़ते कटाव को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में स्थानीय विधायक के प्रति भी नाराजगी और सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से गौला नदी के किनारे मजबूत और स्थायी तटबंध बनाए जाने की मांग उठती रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

ग्रामीणों का सवाल है कि हर साल बरसात के दौरान जब गौला नदी कटाव करती है और किसानों की जमीन नदी में समाती है, तो इसके स्थायी समाधान के लिए अब तक ठोस पहल क्यों नहीं हुई। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों को केवल बारिश के दौरान मौके का जायजा लेने के बजाय तटबंध निर्माण जैसे स्थायी समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी करनी चाहिए।

नदी किनारे पहुंचे ग्रामीण, भय का माहौल
भू-कटाव की सूचना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण गौला नदी के किनारे पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। नदी की तेज धार और लगातार कटती जमीन देखकर लोग भयभीत नजर आए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मजबूत तटबंध का निर्माण नहीं किया गया तो आने वाले समय में कृषि भूमि के साथ आबादी वाले क्षेत्रों पर भी खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर भू-कटाव रोकने के लिए प्रभावी एवं स्थायी उपाय करने की मांग की है।

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