उत्तराखंड: खनन कार्यों में लगे वाहनों को मिली राहत,…ये बड़ा आदेश हुआ जारी

ख़बर शेयर करें 👉

प्रदेश में खनन कार्य में लगे हुए वाहनों को खनन कार्य के दौरान वन निगम द्वारा लगाई जा रही चिप RFID Device को अगले आदेश तक लगाने की छूट परिवहन विभाग ने दी है इसके आदेश जारी हो गए हैं आदेश के अनुसार अब इन वाहनों में यह चिप 30 जून तक लगाने की छूट मिली है।

प्रदेश के अन्तर्गत खनन व्यवसाय में संलग्न माल वाहनों से सम्बन्धित विभिन्न परिवहन संघों / महासंघ के प्रतिनिधि मण्डल द्वारा मा. मुख्यमंत्री जी तथा आयुक्त एवं सचिव, परिवहन, उत्तराखण्ड को सम्बोधित प्रार्थना पत्र देकर अथवा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण के साथ प्रतिनिधिमण्डल के रूप में भेंट कर यह अनुरोध किया गया है कि खनन व्यवसाय में संलग्न माल वाहनों में उत्तराखण्ड वन विकास निगम द्वारा RFID Device स्थापित कराये गये हैं जिनके माध्यम से उत्तराखण्ड वन विकास निगम के स्तर पर वाहनों की ट्रैकिंग सम्बन्धी रिकार्ड रखा जा रहा है।

उनके द्वारा यह भी अनुरोध किया गया है कि विगत् में खनन सीजन में इन माल वाहनों का अपेक्षित उपयोग नहीं हो पाने के कारण वाहन स्वामियों के समक्ष वित्तीय संकट भी विद्यमान है। ऐसी स्थिति में, खनन व्यवसाय में संलग्न माल वाहनों को मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं तत्सम्बन्धी नियमावली के प्राविधानानुसार वाहन के लोकेशन ट्रेकिंग हेतु AIS:140 (समय-समय पर यथासंशोधित) मानक के VLT Device लगाये जाने एवं वाहन की फिटनैस का परीक्षण आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन से कराए जाने सम्बन्धी परिवहन विभाग के दिशा-निर्देशों से छूट प्रदान करते हुए 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों की फिटनेस फीस के सम्बन्ध में गत वर्ष दी गई छूट को इस वर्ष भी जारी रखा जाय।

यह भी पढ़ें 👉  12 जून का राशिफल: जानिए, क्या कहते हैं आज आपके भाग्य के सितारे,….पढ़ें आज का दैनिक राशिफल

2. उल्लेखनीय है कि खनन व्यवसाय में संलग्न माल वाहन स्वामियों / संगठनों के द्वारा गत वर्ष कोविड के प्रभाव सहित खनन कार्य बाधित होने आदि परिस्थितियों का हवाला देकर उनके वाहनों में VLT Device लगाये जाने में छूट दिये जाने, 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों की फिटनैस टेस्ट फीस की पुनरीक्षित दरों को एक वर्ष हेतु स्थगित रखे जाने तथा वाहनों को सरेण्डर करने की समयावधि बढ़ाये जाने का अनुरोध मा. मुख्यमंत्री जी से किया गया था जिसे मा. मुख्यमंत्री जी के द्वारा तद्ममय व्यापक जनहित में स्वीकृति प्रदान की गई थी

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल: कैंची धाम मेले को लेकर 14 व 15 को रहेगा यातायात डायवर्ट, देखें रूट……

जिसका लाभ ऐसे वाहन स्वामियों को प्राप्त हुआ था। इस वर्ष सम्बन्धित वाहन स्वामियों / संगठनों के द्वारा पुनः उपरोक्तानुसार छूट दिये जाने विषयक की गई मांग के सम्बन्ध में वाहन स्वामियों/संघों / महासंघ को स्पष्ट किया गया है कि भारत सरकार द्वारा मोटर वेहिकल एक्ट तथा सम्बन्धित नियमावलियों में वाहनों की फिटनैस आटोमेटेड फिटनैस स्टेशन से ही कराने की बाध्यता होने सम्बन्धी किए गए संशोधन के दृष्टिगत नवीन व्यवस्था पूरे देश में लागू है तथा अब पूर्ववत विभाग स्तर पर ही Manually फिटनैस जांच की सुविधा कानूनन उपलब्ध नहीं है। यह भी स्पष्ट किया गया कि 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को फिटनैस टेस्ट कराने हेतु फीस में अधिसूचना दिनांक 21.02.2023 द्वारा एक वर्ष हेतु दी गई छूट वर्तमान में भी उपलब्ध है जिसका लाभ आगामी 20 फरवरी, 2024 तक सहज रूप से प्राप्त किया जा सकता है।

उक्त पृष्ठभूमि में, सम्यक् विचारोपरान्त मा. मुख्यमंत्री जी के द्वारा उक्त प्रकार के वाहनों में VLT Device लगाये जाने हेतु आगामी 30 जून, 2024 तक की समयवृद्धि प्रदान किये जाने के निर्देश परिवहन विभाग को दिये गये जिसके क्रम में परिवहन आयुक्त के द्वारा कार्यालय ज्ञाप संख्या 4722/TR/IV-9/VLT/2022 दिनांक 21.12.2023 (छायाप्रति संलग्न) निर्गत किया गया है जिसके अनुसार खनन व्यवसाय में संलग्न ऐसे माल वाहन जिनका पंजीकरण उत्तराखण्ड वन विकास निगम द्वारा खनन कार्य हेतु किया गया है

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल: कैंची धाम मेले को लेकर 14 व 15 को रहेगा यातायात डायवर्ट, देखें रूट……

और जिनमें RFID Device स्थापित है, को दिनांक 30 जून, 2024 तक AIS:140 (समय-समय पर यथासंशोधित) मानक के VLT Device स्थापित किए जाने हेतु अतिरिक्त समय प्रदान किया जायेगा और इस बीच यदि वाहन की फिटनैस देय हो तो VLT Device दिनांक 30 जून, 2024 तक लगा लिए जाने का एक बन्धपत्र (Undertaking) लेकर ऐसे वाहन को फिटनैस सम्बन्धी अन्य शर्तें पूर्ण करने पर फिटनैस प्रमाण पत्र निर्गत किया जायेगा। तद्नुसार परिवहन विभाग की ओर से सर्वसम्बन्धित वाहन स्वामियों/परिवहन व्यवसायियों / परिवहन संघों / महासंघ से अपील है कि उक्तानुसार सुलभ छूट का लाभ लेकर समय से अपने वाहनों की फिटनैस टेस्ट करा लें और खनन व्यवसाय में संलग्न होकर अर्थोपाय सहित राजस्व सृजन में योगदान दें।