पहली बार रखने जा रही हैं वट सावित्री व्रत? भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पुण्य फल
वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं का विशेष पर्व है, जिसमें वे अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख-शांति के लिए व्रत रखती हैं। अगर आप पहली बार वट सावित्री व्रत रख रही हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। व्रत में की गई छोटी सी भूल भी पुण्य फल को प्रभावित कर सकती है।
वट सावित्री व्रत में भूलकर भी न करें ये 5 काम:
- झूठ न बोलें: व्रत के दिन पूरी तरह पवित्र रहें। झूठ बोलने से व्रत की ऊर्जा प्रभावित होती है।
- बिना स्नान-पूजन के व्रत की शुरुआत न करें: सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और शुद्ध भाव से पूजा करें।
- वटवृक्ष की पूजा अधूरी न छोड़ें: सावित्री-सत्यवान की कथा सुनना और विधिपूर्वक वटवृक्ष पूजन आवश्यक है।
- काले या नीले वस्त्र न पहनें: व्रत के दिन लाल, पीले या गुलाबी वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
- किसी से झगड़ा या अपशब्द न कहें: मन, वचन और कर्म से संयमित रहें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान:
- सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें और श्रृंगार करके कथा सुनें।
- वटवृक्ष की पूजा जल, रोली, मौली, फल, चना व गुड़ से करें।
- वटवृक्ष के चारों ओर 7, 11 या 21 बार मौली लपेटें।
- पति की दीर्घायु की कामना करें और निर्जला व्रत रखें (यदि संभव हो)।
- व्रत का पारण अगले दिन ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन/दान देकर करें।
इस व्रत में सच्ची आस्था और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि आप पहली बार यह व्रत रख रही हैं, तो ऊपर दी गई बातों का ध्यान रखकर न सिर्फ पुण्य अर्जित करें, बल्कि अपने जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य भी सुनिश्चित करें।

संपादक – उत्तराखण्ड उदय
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