उत्तराखंड : यहां अंगीठी की गैस से 12वीं का छात्र की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
रानीखेत। पंतकोटली गांव में थर्टी फर्स्ट की पार्टी दौरान अंगीठी की गैस लगने से इंटर के छात्र की मौत हो गई। जबकि उसके दो चचेरे भाई गैस लगने से बेसुध हो गए। सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़कर तीनों को बाहर निकाला और उन्हें राजकीय चिकित्सालय रानीखेत पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने एक किशोर को मृत घोषित कर दिया। जबकि गैस लगने से बेसुध दो अन्य किशोरों का चिकित्सालय में उपचार के बाद सही होने पर घर भेज दिया। इधर किशोर का पोस्टमार्टम बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
पंतकोटली निवासी खिरखेत इंटर कॉलेज में कक्षा 12वीं के छात्र विकास कुमार (16) पुत्र लीला राम शनिवार की रात अपने घर पर ही थर्टी फर्स्ट की पार्टी कर रहे थे। विकास के साथ उसके दो चचेरे भाई भी पार्टी में शामिल थे। आंगन में जलाई गई अंगीठी के सामने तीनों ने देर रात तक गाने बजाकर डांस किया। देर रात जब परिवार के सभी लोग सो गए तो विकास और उसके दोनों साथी अंगीठी अपने साथ ही लेकर कमरे में ही सोने चले गए।
इधर, रविवार की सुबह करीब 9.30 बजे तक जब कमरा नहीं खुला, तो परिवार के लोगों ने दरवाजा तोड़कर कमरा खोला। अंदर कमरे में विकास समेत तीनों बेसुध पड़े थे। परिजन आनन-फानन में तीनों को लेकर राजकीय चिकित्सालय रानीखेत पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने विकास को मृत घोषित कर दिया। जबकि गैस लगने से बेहोश अन्य दो किशोरों का चिकित्सालय में उपचार किया गया। विकास का पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

संपादक – उत्तराखण्ड उदय
अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को प्रसारित कराने हेतु संपर्क करें – मोब०: +91 7500978841


SKM कॉन्वेंट स्कूल में नवरात्रि की धूम, राम-सीता और हनुमान के स्वरूप में सजे बच्चे; कन्या पूजन कर दिया संस्कृति और नारी शक्ति का संदेश
उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी का सार्वजनिक अवकाश घोषित, बैंक-कोषागार भी रहेंगे बंद; शासन ने जारी की अधिसूचना
आज का राशिफल (17 अक्टूबर 2026): जानिए; क्या कहते हैं आज आपके भाग्य के सितारे…!
हल्द्वानी: ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में गरबा फेस्ट की धूम, ढोल-डांडिया की थाप पर झूमे छात्र; रंगारंग उत्सव में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक
उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मां-भाई और गर्भवती भाभी की हत्या के दोषी की फांसी रद्द; मानसिक इलाज के बाद रिहाई के निर्देश