बड़ी खबर (देहरादून) : धामी कैबिनेट की बैठक में 16 बड़े फैसले, ई-व्हीकल से लेकर भर्ती और सब्सिडी तक अहम फैसलों पर मुहर

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आयोजित इस पहली बैठक में सरकार ने पूर्व सैनिकों, अग्निवीरों, किसानों, कर्मचारियों और युवाओं के हित में कई अहम निर्णय लिए। बैठक के दौरान वैश्विक हालात, खासकर मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को देखते हुए राज्य की तैयारियों और रणनीति पर भी चर्चा हुई।

कैबिनेट ने पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ‘वीर उद्यमी योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत उद्योग स्थापित करने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 10 प्रतिशत लक्ष्य इस वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।

ऊर्जा विभाग से जुड़े एक बड़े फैसले में पीएम सूर्या घर योजना के तहत चल रहे सब्सिडी विवाद को खत्म कर दिया गया है। अब 31 मार्च 2025 तक स्थापित सभी सोलर प्लांट्स को सब्सिडी का लाभ मिलेगा, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

न्यायिक अधिकारियों के लिए सरकार ने 4 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली के लिए निजी समाप्ति वसूली अधिनियम की नियमावली को भी मंजूरी दी गई है।

भर्ती प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पुलिस, वन और आबकारी विभागों में सिपाही और उप निरीक्षक भर्ती पुरानी नियमावली के अनुसार ही होगी। नए नियम 2029 से लागू होंगे। साथ ही भर्ती में छूटे अभ्यर्थियों को दोबारा मौका देने का फैसला भी लिया गया है।

शिक्षा क्षेत्र में अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों को राहत देते हुए उनकी पूर्व सेवा का लाभ देने के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया गया है। साथ ही एडेड स्कूलों से जुड़े मामलों के अध्ययन के लिए अलग समिति बनाई जाएगी।

किसानों के हित में सरकार ने गेहूं खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2558 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को 2.2 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है और मंडियों को 2 प्रतिशत से अधिक शुल्क न वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।

वन विभाग के कर्मचारियों को पदोन्नति में राहत देते हुए मुख्य प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष कर दी गई है।

गृह विभाग में 2025 की नियमावली को लागू करने और उत्तराखंड होमगार्ड के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई है। भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति को भी स्वीकृति दी गई है।

इसके अलावा लोक निर्माण विभाग में एक करोड़ रुपये से अधिक की कंसल्टेंसी प्रस्तावों को मंजूरी, उच्च शिक्षा में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय से जुड़े विषयों पर प्रस्तुति और नियोजन विभाग के तहत सेतु आयोग के सुदृढ़ीकरण जैसे फैसले भी लिए गए।