Uttarakhand: यहां गुलदार ने 12 साल के बच्चे पर किया जानलेवा हमला, दोस्तों ने ऐसे बचाई जान

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देहरादून में 12 वर्षीय बच्चे पर तेंदुए ने जानलेवा हमला कर दिया. इससे पहले की तेंदुआ उसे ले जाता, बच्चे के दोस्तों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे छुड़ा लिया. घटना के बाद घायल अवस्था में बच्चे को वन विभाग की टीम ने दून अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसका उपचार किया जा रहा है, तो वन विभाग की टीम गुलदार को पकड़ने में जुटी हुई है। पर ये घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुकी है।

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जानकारी के अनुसार, मामला राजपुर रोड के बेहद नजदीक पोस्ट इलाके कैनल रोड के बाला सुंदरी मंदिर के पास का है, बताया जा रहा है कि यहां एक गुलदार ने एक 12 साल के बच्चे पर जानलेवा हमला किया। ये तो गनिमत रही की उसके साथी उसके साथ थे। जिन्होंने अपनी जान पर खेल कर उसकी जान बचा ली। वरना अनहोनी हो सकती थी। घायल की पहचान 12 वर्षीय निखिल थापा पुत्र शेरबहादुर थापा के रूप में हुई है। उसके दोस्तों के नाम कमल थापा, गौतम थापा, उमेश थापा और करण थापा बताया गया है। इनमें कमल, गौतम और उमेश की उम्र करीब 21 से 22 वर्ष के बीच है। जबकि, करण निखिल का हम उम्र है।

बताया जा रहा है कि निखिल अपने इन्हीं दोस्तों के साथ रिस्पना नदी किनारे वॉलीबाल खेलकर लौट रहा था। इसी दौरान उसपर गुलदार ने हमला कर दिया। गुलदार ने उसका सिर पकड़ा और खींचकर ले जाने लगा। निखिल की चीख सुनकर उसके बहादुर साथी भागे नहीं, बल्कि उन्होंने तुरंत निखिल के पैरों को पकड़ लिया और शोर मचा दिया। शोर से गुलदार निखिल को छोड़कर भाग गया। वहीं मौके पर पहुंचे लोगों ने घायल निखिल को उठाया और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुहंची पुलिस और 108 एंबुलेंस से निखिल को दून अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका उपचार किया जा रहा है। निखिल के सिर पर बड़ा और गहरा घाव है।