बिंदुखत्ता में 11वें दिन भी आंदोलन जारी: राजस्व गांव, गौला नदी पर स्थायी तटबंध समेत 10 मांगों पर सरकार से जवाब का इंतजार!

ख़बर शेयर करें 👉

लालकुआं। बिंदुखत्ता की वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर आंदोलन लगातार जारी है। राजस्व गांव का दर्जा, गौला नदी से सुरक्षा के लिए स्थायी तटबंध और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, भाकपा (माले) और इंडिया गठबंधन के तत्वावधान में चल रहा क्रमिक अनशन 11वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने सरकार से क्षेत्र की समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करने की मांग उठाई।

राजस्व गांव से लेकर तटबंध तक, इन मुद्दों पर आंदोलन
आंदोलन की प्रमुख मांग बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाना है। इसके साथ ही गौला नदी से संभावित खतरे से बचाव के लिए स्थायी तटबंध का निर्माण, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, रोजगार के अवसर, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि क्षेत्र के लोगों की इन मांगों पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। उनका जोर है कि केवल आश्वासन के बजाय समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

11वें दिन इन लोगों ने किया अनशन
क्रमिक अनशन के 11वें दिन सामाजिक कार्यकर्ता मोहन कुड़ाई के साथ पुष्कर दानू, भगवान धामी, मदन फर्स्वाण, रणजीत मेहरा और मंतोष राय ने अनशन में सहभागिता की। आंदोलन से जुड़े लोगों ने क्षेत्र की मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से समाधान की अपेक्षा जताई।
10 सूत्रीय मांगों पर सरकार की कार्रवाई का इंतजार
बिंदुखत्ता में राजस्व गांव का दर्जा और गौला नदी से सुरक्षा का मुद्दा स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, पेयजल, सड़क, बिजली और रोजगार जैसी सुविधाएं भी क्षेत्र की प्रमुख जरूरतों में शामिल हैं। अब देखना होगा कि आंदोलनकारियों की इन 10 सूत्रीय मांगों पर सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और समाधान की दिशा में कब तक पहल होती है।

वहीं, आंदोलनकारी का कहना है कि जब तक जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक इन मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।