मोटाहल्दू: मदरसन कंपनी गेट पर मजदूरों का धरना उग्र, पुलिस पर गुंडागर्दी और धमकाने के आरोप, खुला पत्र जारी,…वीडियो
लालकुआं। बरेली रोड स्थित मोटाहल्दू में मदरसन कंपनी के बाहर चल रहा मजदूरों का आंदोलन अब बड़ा विवाद बनता जा रहा है। कर्मचारियों की हड़ताल के बीच पुलिस पर डराने-धमकाने और मारपीट के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।
कंपनी गेट पर जुटे मजदूरों ने ₹20,000 न्यूनतम वेतन, 8 घंटे की शिफ्ट और “नो ब्रेक सिस्टम” खत्म करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं, लेकिन उन्हें दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसी बीच आंदोलन से जुड़े युवा नेता पीयूष जोशी ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी द्वारा उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई। उनका आरोप है कि इंस्पेक्टर हरपाल सिंह ने सार्वजनिक रूप से उनका गला पकड़कर धमकी दी और जबड़ा तोड़ने की बात कही। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारियों में भारी आक्रोश फैल गया।
पीयूष जोशी ने इस पूरे मामले को लेकर उच्च न्यायालय नैनीताल, मानवाधिकार आयोग और पुलिस महानिदेशक को संबोधित एक खुला पत्र भी जारी किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केवल धरना खत्म कराने के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र में चल रहे नशे और शराब माफियाओं के खिलाफ उनके अभियान को दबाने की साजिश है।
खुले पत्र में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है और पुलिस द्वारा बल प्रयोग करना संविधान का उल्लंघन है। उन्होंने इंस्पेक्टर हरपाल सिंह को तत्काल निलंबित करने, मेडिकल जांच कराने और आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
पीयूष जोशी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह एसएसपी कार्यालय नैनीताल के बाहर आमरण अनशन पर बैठेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन पर होगी।
वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का कहना है कि मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और सभी आरोपों की जांच की जाएगी।
मौके पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, छात्र महासंघ अध्यक्ष आशीष कबड़वाल समेत कई जनप्रतिनिधि पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराने का प्रयास किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया था।
फिलहाल कंपनी गेट पर धरना जारी है और पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। यह मामला अब केवल मजदूरों की मांगों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और प्रशासनिक रवैये पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।


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