हल्द्वानी में ग्राफिक एरा ने अंतरिक्ष नवाचार को दी नई ऊंचाई

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हल्द्वानी। ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने एस्ट्रोवर्स एक्सपीरियंस प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम, हल्द्वानी में ‘आकाशयान स्पर्धा – नेशनल रॉकेट्री चैलेंज’ का आयोजन किया। दो दिवसीय इस आयोजन में देशभर के 30 विश्वविद्यालयों और 35 स्कूलों ने भाग लिया। कार्यक्रम में रॉकेट्री, एयरोस्पेस नवाचार और अंतरिक्ष विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।

आयोजन के पहले दिन स्कूल स्तर की गतिविधियां आयोजित हुईं। 35 स्कूलों के विद्यार्थियों ने हाइड्रो रॉकेट्री, पैराशूट एवं एयर रॉकेट्री, स्पेस आर्ट और स्पेस एक्सटेम्पोर में प्रतिभाग किया। इन गतिविधियों की थीम ‘रॉकेट रिवोल्यूशन’ रही। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को प्रयोग, रचनात्मकता और नवाचार के जरिए अंतरिक्ष विज्ञान को समझने का अवसर मिला।

दूसरे दिन विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें 30 विश्वविद्यालयों के पांच-पांच विद्यार्थियों ने प्रतिनिधित्व किया। प्रतियोगिताओं में सॉलिड-फ्यूल रॉकेट्री, मल्टीस्टेज रॉकेट्री और उन्नत रॉकेट-इंजन आधारित श्रेणियां शामिल थीं। विद्यार्थियों ने प्रोपल्शन, एयरोडायनामिक्स, रॉकेट डिजाइन और फ्लाइट ऑपरेशन से संबंधित अपने ज्ञान का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण हाई-एल्टीट्यूड बैलून (HAB) मिशन रहा, जिसे उत्तराखंड में इस प्रकार का पहला मिशन बताया गया। वैज्ञानिक पेलोड को लगभग 35 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचाने और अलग-अलग ऊंचाइयों पर वायुमंडलीय आंकड़े एकत्र करने के लिए डिजाइन किया गया था। मिशन में तापमान, वायु घनत्व, वायुमंडलीय दबाव और विकिरण मापने के लिए सेंसर लगाए गए थे। इसके अलावा एयरोसोल और अल्ट्रावायलेट (UV) विकिरण से संबंधित अवलोकन के लिए भी प्रणालियां शामिल थीं।

HAB मिशन में ग्राफिक एरा (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), देहरादून के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग तथा ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल के इंजीनियरिंग विद्यार्थियों ने तकनीकी योगदान दिया। विद्यार्थियों ने मिशन और इससे जुड़ी प्रणालियों के विकास में भाग लिया।

मिशन की एक प्रमुख विशेषता ग्लाइडर आधारित रिकवरी मैकेनिज्म रही, जिसे वैज्ञानिक पेलोड को लॉन्च साइट के नजदीक निर्धारित लैंडिंग क्षेत्र की ओर ले जाने के लिए डिजाइन किया गया था। इस प्रणाली में एयरोस्पेस डिजाइन, एयरोडायनामिक्स, फ्लाइट कंट्रोल और रिकवरी तकनीकों को एकीकृत किया गया।

कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित करते हुए ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल के निदेशक ने हल्द्वानी और कुमाऊं क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की अंतरिक्ष पहल लाने के लिए एस्ट्रोवर्स की सराहना की। उन्होंने उत्तर भारत के प्रमुख संस्थानों में ग्राफिक एरा की भूमिका को रेखांकित करते हुए HAB मिशन में विद्यार्थियों की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की।

उन्होंने प्रो. डॉ. सुधीर जोशी, विभागाध्यक्ष, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग तथा ग्राफिक एरा (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), देहरादून और ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल के विद्यार्थियों के योगदान को विशेष रूप से सराहा। कार्यक्रम का दस्तावेजीकरण ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी कैंपस के जनसंचार विभाग द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में हल्द्वानी के मेयर श्री गजराज बिष्ट, उत्तराखंड पर्यटन विभाग की अपर निदेशक श्रीमती पूनम चंद, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. भुवन भट्ट, एरीज नैनीताल के रजिस्ट्रार डॉ. मोहित कुमार जोशी तथा प्रो. डॉ. सुधीर जोशी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस पहल से उत्तराखंड पर्यटन, एरीज, यूकॉस्ट और समग्र शिक्षा विभाग भी जुड़े रहे।

आकाशयान स्पर्धा के माध्यम से विभिन्न विश्वविद्यालयों, स्कूलों और उभरते एयरोस्पेस नवाचारकर्ताओं को एक मंच मिला। आयोजन ने हल्द्वानी को अंतरिक्ष और एयरोस्पेस नवाचार के लिए एक उभरते मंच के रूप में प्रस्तुत किया तथा ग्राफिक एरा की प्रायोगिक शिक्षा, छात्र-नेतृत्व वाले नवाचार और एयरोस्पेस शिक्षा के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाया।