आज से बदल गए ये 7 बड़े नियम, गैस सिलेंडर से लेकर मोबाइल कॉल तक जानें क्या-क्या बदला?

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नई दिल्ली। नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई अहम नियमों में बदलाव हो गया है। 1 नवंबर 2026 से लागू हुए इन नए नियमों का सीधा असर आम लोगों की जेब, घरेलू बजट, कारोबार और रोजाना के सफर पर पड़ सकता है। कहीं LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा हुई है, तो कहीं टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों को सालाना पास की सुविधा मिली है। वहीं, दिल्ली में दूसरे राज्यों के पुराने वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध और मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आने पर कॉलर का नाम दिखाने की सुविधा भी चर्चा में है।

इसके अलावा GST के नियमों, तमिलनाडु में शराब की दुकानों पर भुगतान और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए लिंक पर यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं। आइए जानते हैं 1 नवंबर से लागू हुए इन 7 बड़े बदलावों के बारे में।

1. LPG सिलेंडर के दाम में बदलाव, घरेलू ग्राहकों को राहत

हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसी क्रम में 1 नवंबर 2026 को भी नए रेट जारी किए गए हैं।

इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी घरेलू रसोई गैस के ग्राहकों को फिलहाल राहत मिली है।

हालांकि, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की गई है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का खर्च बढ़ सकता है। इसके साथ ही एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी बदलाव किया गया है।

2. टोल प्लाजा के पास रहने वालों को मिलेगा सालाना पास

टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले निजी वाहन मालिकों के लिए भी 1 नवंबर से नई सुविधा लागू हो गई है। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र लोगों को रियायती सालाना लोकल पास दिया जाएगा।

इस पास की कीमत टोल प्लाजा की लोकेशन के आधार पर तय की गई है। स्थानीय नगरपालिका या कस्बे की सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए सालाना पास की कीमत 1,500 रुपये रखी गई है। वहीं, नगरपालिका या कस्बे की सीमा के भीतर आने वाले टोल प्लाजा के लिए 3,000 रुपये देने होंगे।

इस सुविधा का लाभ केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहन मालिकों को मिलेगा। वाहन में वैध और एक्टिव FASTag होना भी जरूरी है। यह पास केवल संबंधित टोल प्लाजा पर ही मान्य होगा।

ध्यान देने वाली बात यह है कि राजमार्ग यात्रा ऐप के जरिए आवेदन की सुविधा 1 दिसंबर 2026 से शुरू होगी।

3. दिल्ली में दूसरे राज्यों की पुरानी गाड़ियों की एंट्री पर प्रतिबंध

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए सख्ती की गई है। नए नियम के तहत दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड ऐसे पेट्रोल और डीजल वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जो BS6 उत्सर्जन मानकों के अनुरूप नहीं हैं।

यह प्रतिबंध 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। हालांकि, BS6 मानक वाले वाहनों के अलावा CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को निर्धारित शर्तों के तहत छूट दी गई है।

वाहन चालकों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) होना भी जरूरी है। ऐसे में दिल्ली जाने की योजना बना रहे लोगों को सफर से पहले अपने वाहन का BS6 स्टैंडर्ड और जरूरी दस्तावेज जरूर जांच लेने चाहिए।

4. मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए लिंक पर बदले ट्रैफिक नियम

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग रूट यानी मिसिंग लिंक पर भी 1 नवंबर से नए ट्रैफिक नियम लागू हो गए हैं।

महाराष्ट्र हाईवे पुलिस के आदेश के अनुसार, इस नए लिंक पर सभी प्रकार के मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इसमें छोटे व्यावसायिक वाहन, पिकअप वैन और टाटा ऐस जैसे वाहन भी शामिल हैं।

ऐसे वाहनों को एक्सप्रेसवे के पुराने मार्ग से ही सफर करना होगा। वहीं, निजी कारों और अन्य हल्के यात्री वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। यात्री बसें अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी।

ये नियम अगले आदेश तक लागू रहेंगे।

5. तमिलनाडु में शराब खरीदने के लिए डिजिटल पेमेंट जरूरी

तमिलनाडु में सरकारी शराब की दुकानों पर भुगतान के नियम भी बदल गए हैं। तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) के नए निर्देशों के अनुसार, अब 1,000 रुपये से अधिक की शराब खरीदने पर डिजिटल भुगतान करना अनिवार्य होगा।

ग्राहक UPI, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के जरिए भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए दुकानों पर POS मशीनों की व्यवस्था की गई है।

इस फैसले का उद्देश्य नकद लेनदेन कम करना और भुगतान में पारदर्शिता बढ़ाना है। इसके अलावा राज्य में शराब की कीमतों में भी 1 नवंबर से 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, खाली बोतल वापस करने पर अतिरिक्त 10 रुपये लौटाने की व्यवस्था भी की गई है।

6. GST के नियमों में बदलाव, कारोबारियों को मिल सकती है राहत

नवंबर की शुरुआत के साथ GST से जुड़े कुछ प्रावधानों में भी बदलाव किया गया है। इनका उद्देश्य कारोबारियों के लिए टैक्स रिफंड की प्रक्रिया को आसान बनाना और दस्तावेजी कामकाज का बोझ कम करना है।

नए प्रावधानों के तहत बिक्री के बाद दिए जाने वाले डिस्काउंट को लेकर नियमों में राहत दी गई है। अब हर डिस्काउंट को किसी खास बिल से जोड़ने और पहले से समझौता होने की पुरानी शर्तों में छूट दी गई है।

हालांकि, इसके लिए सप्लायर की ओर से क्रेडिट नोट जारी करना और ग्राहक की ओर से संबंधित इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) वापस करना जरूरी होगा।

इसके अलावा इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत पात्र कारोबारियों को इनपुट सर्विस क्रेडिट से जुड़े रिफंड में राहत मिलेगी। जोखिम के आधार पर पात्र रिफंड दावों का 90 प्रतिशत तक अस्थायी रिफंड देने का प्रावधान भी किया गया है।

वहीं, 5 करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाले छोटे कारोबारियों के लिए सालाना रिटर्न और तिमाही टैक्स भुगतान की वैकल्पिक व्यवस्था को सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। हालांकि, इसे पूरी तरह लागू नियम मानने से पहले संबंधित अधिसूचना की स्थिति जांचना जरूरी है।

7. अनजान नंबर से कॉल आने पर स्क्रीन पर दिखेगा नाम

मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए भी 1 नवंबर से एक अहम बदलाव शुरू हुआ है। अब अनजान नंबर से कॉल आने पर सिर्फ मोबाइल नंबर ही नहीं, बल्कि कॉल करने वाले का नाम भी स्क्रीन पर दिखाई देने की सुविधा शुरू की जा रही है।

दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सेवा लागू करने के निर्देश दिए हैं।

इस सुविधा के तहत कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम टेलीकॉम कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के आधार पर दिखाया जाएगा। अगर किसी नंबर का नाम पहले से आपके मोबाइल में सेव है, तो वही नाम दिखाई देगा। वहीं, सेव नहीं किए गए नंबर के मामले में कंपनी के रिकॉर्ड में मौजूद नाम प्रदर्शित किया जाएगा।

फिलहाल यह सुविधा 4G और इससे नई तकनीक वाले नेटवर्क पर लागू की जा रही है। 2G, 3G और लैंडलाइन नेटवर्क पर इसे लागू करने को लेकर अलग से फैसला किया जाएगा।

इसका मुख्य उद्देश्य अनजान कॉल की पहचान आसान बनाना और फर्जी कॉल के जरिए होने वाली धोखाधड़ी को रोकने में मदद करना है।

1 नवंबर से हुए बदलावों का आम लोगों पर क्या होगा असर?

नवंबर महीने की शुरुआत के साथ लागू हुए इन बदलावों का असर अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत स्थिर रहने से आम परिवारों को राहत मिली है, जबकि कमर्शियल गैस महंगी होने से कारोबारियों का खर्च बढ़ सकता है।

वहीं, टोल प्लाजा के पास रहने वाले पात्र वाहन मालिकों को सालाना पास का फायदा मिलेगा। दिल्ली में पुराने वाहनों से सफर करने वालों को नए प्रतिबंधों का ध्यान रखना होगा। मोबाइल पर कॉल करने वाले का नाम दिखने की सुविधा से अनजान कॉल पहचानने में भी मदद मिल सकती है।

ऐसे में अगर आप नवंबर महीने में यात्रा करने, वाहन चलाने या कारोबार से जुड़े काम करने की योजना बना रहे हैं, तो इन नए नियमों की जानकारी रखना आपके लिए जरूरी है।

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