गैरसैंण में विधानसभा सत्र शुरू, पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी और पूर्व मंत्री बिष्ट को दी श्रद्धांजलि
गैरसैंण (भराड़ीसैंण), 27 अक्टूबर। उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र मंगलवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में शुरू हो गया। सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी के सुशासन, ईमानदारी, अनुशासन और पारदर्शी कार्यशैली को याद करते हुए कहा कि देश की रक्षा से लेकर उत्तराखंड के विकास तक उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूड़ी एक अनुशासित सैनिक, समर्पित जनसेवक और कुशल प्रशासक थे। उन्होंने अपने जीवन में जो भी जिम्मेदारी संभाली, उसे पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाया। उच्च पदों पर रहते हुए भी उन्होंने अपने मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। धामी ने कहा कि खंडूड़ी का जीवन सादगी, ईमानदारी और अनुशासन की मिसाल रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में रहते हुए खंडूड़ी ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपने साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने जनसेवा के क्षेत्र में कदम रखा और वर्ष 1991 में गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से पहली बार सांसद निर्वाचित हुए। उन्होंने पांच बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और संसद में उत्तराखंड की आकांक्षाओं तथा पृथक राज्य की मांग को मजबूती से उठाया।
धामी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में खंडूड़ी ने देश में सड़क संपर्क मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से देश के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिली।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 और 2011 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में खंडूड़ी ने पारदर्शी और अनुशासित शासन की मिसाल पेश की। भ्रष्टाचार के विरुद्ध उनका सख्त रुख और स्वच्छ प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता उनकी कार्यशैली में स्पष्ट दिखाई देती थी। खंडूड़ी का व्यक्तित्व और उनके कार्य प्रदेश की राजनीति तथा जनमानस पर गहरी छाप छोड़ते रहेंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन जनसरोकारों के प्रति समर्पित रहा और वे श्रमिकों तथा मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए सदैव संघर्षरत रहे। बिष्ट ने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, विधायक तथा मंत्री के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उनकी राजनीतिक यात्रा में आम आदमी की समस्याएं और उनके समाधान के प्रयास केंद्र में रहे। विशेष रूप से श्रमिकों और मेहनतकश वर्ग के प्रति उनका जुड़ाव उनके व्यक्तित्व की प्रमुख पहचान थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिष्ट ने समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए। वे लोगों की समस्याएं सुनने और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले जननेता के रूप में याद किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं और कार्य करने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन जनता के प्रति समर्पण सभी के लिए सम्मान का विषय है। बिष्ट ने पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंत्री के रूप में श्रम, परिवहन और तकनीकी शिक्षा जैसे जनहित से जुड़े क्षेत्रों में भी उनका योगदान रहा।
धामी ने कहा कि बिष्ट का जीवन जनसेवा के लिए जनता से निरंतर संवाद और उसके सुख-दुख में भागीदारी के महत्व को दर्शाता है। उनका निधन प्रदेश के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। जनसेवा के प्रति उनका समर्पण और आम लोगों के हितों के लिए किए गए प्रयास सदैव स्मरणीय रहेंगे।
सत्र के दौरान सरकार सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश करेगी। सदन में विभिन्न विभागों से संबंधित 445 प्रश्नों के माध्यम से सरकार से जवाब मांगे जाएंगे। इसके अलावा नौ विधेयक भी प्रस्तुत किए जाने हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मौजूदा विधानसभा का यह अंतिम सत्र होने के कारण सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के आसार हैं। कांग्रेस ने पलायन, कानून-व्यवस्था और अंकिता भंडारी प्रकरण सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है।
मुख्यमंत्री धामी ने सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से मुलाकात की। उन्होंने विधानसभा परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
सत्र के मद्देनजर विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ क्षेत्र को पांच सुपर जोन और 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

संपादक – उत्तराखण्ड उदय
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