वन भूमि पर बसे गांवों को राजस्व ग्राम बनाने की तैयारी, बिंदुखत्ता मुद्दे पर सरकार ने दिए संकेत
गैरसैंण। बिंदुखत्ता सहित प्रदेश में वन भूमि पर बसे गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने के विषय में सरकार संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बुधवार को सदन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ गांवों को पहले ही राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में भी सरकार गंभीरता से कदम उठा रही है।
सदन में कांग्रेस की ओर से कार्यस्थगन प्रस्ताव के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया गया। जवाब में मंत्री उनियाल ने कहा कि प्रदेश सरकार वन भूमि के साथ-साथ राजस्व क्षेत्र की विभिन्न प्रकार की भूमि पर दशकों से बसे लोगों के हितों को लेकर भी चिंतित है। इस विषय पर उनकी अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जिसकी अब तक पांच से अधिक बैठकें हो चुकी हैं।
उन्होंने बिंदुखत्ता के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे लेकर पहले भी सकारात्मक पहल की गई थी, लेकिन वनाधिकार कानून के प्रावधानों के कारण यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। नियम के अनुसार ऐसे वन क्षेत्रों में बसे लोगों को भूमि का मालिकाना हक तभी मिल सकता था, जब वे वर्ष 2005 से पहले वहां रहते हुए 75 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके हों। बिंदुखत्ता के निवासियों की अवधि उस समय 73 वर्ष ही पूरी हो रही थी, जिस कारण यह कार्य पूरा नहीं हो सका।
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में लोग पीढ़ियों से वन भूमि पर रह रहे हैं, लेकिन भूमिधरी अधिकार न मिलने के कारण उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में संवेदनशील होती तो ऋषिकेश के बापूग्राम जैसी स्थिति सामने नहीं आती।
वहीं उप नेता प्रतिपक्ष भुवन चंद्र कापड़ी और विधायक काजी निजामुद्दीन सहित अन्य कांग्रेस विधायकों ने भी वन भूमि पर बसे लोगों को भूमिधरी अधिकार देने की मांग को लेकर सदन में अपनी बात रखी।


आज का राशिफल (13 मार्च 2026): जानिए; क्या कहते हैं आज आपके भाग्य के सितारे…!
लाखन सिंह मेहता को महिला फुटबॉल संघ का उपाध्यक्ष मनोनीत होने पर दी बधाई, गढ़ कुमु टीम ने किया सम्मानित
आज का राशिफल (12 मार्च 2026): जानिए; क्या कहते हैं आज आपके भाग्य के सितारे…!
लालकुआं में महिला दिवस पर दुग्ध उत्पादकों का सम्मान, 15 अप्रैल से दूध के दाम बढ़ाने की घोषणा