“धार्मिक स्थलों को तो बख्श दो” — लिव-इन मामले पर सख्त हुआ उत्तराखंड हाई कोर्ट, पुजारी पर तीखी टिप्पणी
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हरिद्वार स्थित मां चंडी देवी मंदिर से जुड़े प्रकरण में कड़ी नाराजगी जाहिर की है। मंदिर के मुख्य पुजारी पर लगे लिव-इन रिलेशनशिप और छेड़छाड़ के आरोपों की सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त टिप्पणियां कीं।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े लोगों के खिलाफ आपराधिक मामलों में बढ़ोतरी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने टिप्पणी की कि यदि मंदिरों और आश्रमों में इस तरह की गतिविधियां हो रही हैं तो यह समाज और आस्था दोनों के लिए चिंताजनक है। अदालत ने कहा, “कम से कम धार्मिक स्थलों को तो ऐसी चीजों से बख्श दो।”
मुख्य पुजारी पर एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने और छेड़छाड़ के आरोप हैं। कोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को मंदिरों और आश्रमों का सरप्राइज निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और धार्मिक संस्थानों की छवि प्रभावित होती है।
यह मामला महंत रोहित गिरी की पत्नी की शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि पुजारी का एक महिला से घनिष्ठ संबंध था और इस संबंध से एक बच्ची का जन्म भी हुआ। इससे पहले भी अदालत मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन पर सवाल उठा चुकी है और निगरानी के निर्देश जारी कर चुकी है।
फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है। हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ गई है और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।


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