धामी कैबिनेट ने नजूल भूमि के पट्टाधारकों को दी बड़ी सौगात, व्यवस्थापन एवं निस्तारण अध्यादेश के प्रस्ताव को दी मंजूरी।
देहरादून। प्रदेश के शहरी निकाय क्षेत्रों में नजूल भूमि के हजारों पट्टाधारकों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। वर्षों से नजूल पट्टों पर बैठे पट्टाधारकों अब अपने पट्टों को फ्रीहोल्ड करा सकेंगे। शुक्रवार को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखंड नजूल भूमि प्रबंधन, व्यवस्थापन एवं निस्तारण अध्यादेश के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अध्यादेश के तहत पूर्व में बनी नजूल नीति को निरस्त करने का प्रावधान किया गया है।
राज्य के देहरादून, ऊधमसिंह नगर व नैनीताल के नगरीय क्षेत्रों में काफी नजूल भूमि है। नजूल भूमि पर आम लोग वैध व अवैध रूप से रह रहे हैं। इस भूमि का उपयोग राज्य व केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों और नगर निकायों व प्राधिकरणों द्वारा भी किया जा रहा है।
अध्यादेश लाकर सरकार नजूल भूमि के बेहतर प्रबंधन और व्यवस्थापन करना चाहती है। उसका उद्देश्य है कि इस भूमि का उपयोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को कम लागत पर आवास, स्वरोजगार के अवसर को सुरक्षित करने व पट्टाधारकों के हितों की सुरक्षा प्रदान करना है।

संपादक – उत्तराखण्ड उदय
अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को प्रसारित कराने हेतु संपर्क करें – मोब०: +91 7500978841


गौला नदी का रौद्र रूप, बिंदुखत्ता में तेज भू-कटाव से मचा हड़कंप; कई एकड़ जमीन नदी में समाई
बिंदुखत्ता में राजस्व ग्राम की मांग ने पकड़ा जोर, पदयात्रा में आज भी उमड़ा जनसैलाब; हजारों लोग हुए शामिल
अल्मोड़ा में बारिश का कहर, मकान पर गिरा पहाड़ी से मलबा; तीन लोगों की मौत