उत्तराखंड: यहां सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर प्रशासन का शिकंजा, 65 डीलरों को कारण बताओ नोटिस

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हरिद्वार। जनपद में संचालित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर बड़ा निरीक्षण अभियान चलाया गया। सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत लगाए गए शिविरों के दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ गांवों में संचालित राशन की दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में अधिकारियों द्वारा 100 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का निरीक्षण किया गया।

जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य ने बताया कि निरीक्षण के दौरान 100 दुकानों में से 35 दुकानों का संचालन सही पाया गया, जबकि 65 दुकानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इन 65 दुकानों को जिलाधिकारी के निर्देशन में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। अब तक 30 डीलरों के जवाब प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 35 डीलरों ने अभी तक अपना जवाब प्रस्तुत नहीं किया है। प्राप्त हुए कई जवाब भी संतोषजनक नहीं पाए गए हैं।

जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि सभी डीलरों के जवाब प्राप्त होने के बाद पूरी पत्रावली आवश्यक कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में राशन दुकानों में अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी दुकानों का संचालन समय पर होना चाहिए और उपभोक्ताओं को मानक के अनुसार समय से राशन उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है। यदि किसी भी दुकान के संचालन में लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित डीलर के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।