(बड़ी खबर) नैनीताल में भूसे की कालाबाजारी पर सख्ती! जिलाधिकारी ने भंडारण और राज्य से बाहर परिवहन पर लगाई रोक

ख़बर शेयर करें 👉

नैनीताल। पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल होने वाले भूसे की बढ़ती कीमतों को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी ललित मोहत रयाल ने भूसे की कालाबाजारी और कृत्रिम कमी रोकने के लिए जिले में भूसे के अनावश्यक भंडारण तथा राज्य से बाहर परिवहन पर अगले 15 दिनों के लिए रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड में पशुपालकों द्वारा गेहूं के भूसे का व्यापक उपयोग सूखे चारे के रूप में किया जाता है। भूसे की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और संभावित जमाखोरी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन को आशंका है कि यदि भूसे की उपलब्धता प्रभावित हुई तो पशुपालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

जारी आदेश में जिले के सभी उपजिलाधिकारियों, नगर निकायों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि भूसे का उपयोग ईंट भट्टों और अन्य उद्योगों में न होने दिया जाए। साथ ही आगामी 15 दिनों तक उद्योगों को भूसा बेचने पर भी रोक रहेगी।

इसके अलावा भूसा विक्रेताओं को अनावश्यक भंडारण न करने और कालाबाजारी से बचने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने जनपद में उत्पादित भूसे को राज्य से बाहर ले जाने पर भी तत्काल प्रभाव से 15 दिनों की रोक लगा दी है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही खेतों में पुआल जलाने पर भी रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।