बिंदुखत्ता में किसान महासभा का सम्मेलन, विमला पाल रौथाण अध्यक्ष और किशन बघरी बने सचिव; 11 सूत्रीय प्रस्ताव किए पारित
लालकुआं, 23 अगस्त। बिंदुखत्ता में अखिल भारतीय किसान महासभा का सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में क्षेत्र की किसान परिषद और किसान कमेटी का गठन करते हुए विमला पाल रौथाण को अध्यक्ष और किशन बघरी को सचिव चुना गया। सम्मेलन में किसानों और बिंदुखत्ता के लोगों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ 11 सूत्रीय प्रस्ताव भी पारित किए गए।

सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने कहा कि, आज देश में एक ऐसे संगठन की सरकार काम कर रही है जो अंग्रेजी हुकूमत के समय देश की आजादी के लिए लड़ने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, क्रान्तिकारियों की मुखबिरी कर अंग्रेजों की खुशामद मलामत कर रहे थे और आज देश की संप्रभुता आजादी को दांव पर लगाकर अमेरिका की शर्तों पर यानि टैरिफ में छूट देकर कृषि उत्पादों का आयात, ईंधन दूसरे देशों से नहीं खरीदने का हुक्म मानकर भाजपा की मोदी सरकार पहले से कर्ज और तबाही झेल रहे किसानों को और अधिक बर्बादी में धकेल कर उन्हें बर्बाद करने पर आमादा है. देश में लेंड पुलिंग एक्ट द्वारा फ्री में 45% जमीन किसानों से लेकर उनकी जमीनों को व्यवसायिक कीमती बनाने का झांसा देकर पूंजीपतियों को दे रही है। उन्होंने कहा कि, मजदूर किसान विरोधी इस सरकार के खिलाफ बड़ी जन एकता से सड़कों पर उतर कर ही किसानों की जमीन बचाने या जमीनों पर मालिकाना हक लेने, फसलों का स्वामीनाथन कमेटी के आधार पर लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य, कर्ज माफी आदि सम्भव हो सकता है।

किसान महासभा जिला अध्यक्ष भुवन जोशी ने कहा कि, बिंदुखत्ता राजस्व गांव के लिए एक बार फिर से 18 फरवरी की रैली की तरह एकजुटता से चुनाव से पूर्व राज्य के मुख्यमंत्री को घेरने जाना होगा, तभी भाजपा सरकार की नींद शायद खुले और राजस्व गांव की प्रक्रिया शुरू हो.
भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने कहा कि, लालकुआं विधायक अपने बड़बोलेपन को दिखाते हुए आजकल बातों के हवाई जुमले छोड़ने में व्यस्त हैं लेकिन पूरी विधानसभा में जमीन पर काम शून्य है. वे उफनती गौला नदी में कूद पड़े कि नहीं ये तो पता नहीं लेकिन गौला पर पक्के तटबंध भाजपा के दस साल में अभी तक न बने, पूरी विधानसभा में सड़कों के गड्ढे उनको मुँह चिढ़ा रहे हैं. बिंदुखत्ता से लेकर सुल्ताननगरी, बागजाला तक विधानसभा के वन भूमि पर बसे दर्जनों गांव राजस्व गांव बनने की प्रतीक्षा में हैं लेकिन विधायक जी उनको राजस्व गांव बनाने की पहल न कर अपनी पीठ खुद ही थपथपाने में व्यस्त हैं. वो कह रहे हैं कि उन्होंने इतना काम करा दिये हैं कि अगर वे हारे तो लोगों का भलाई से विश्वास उठ जायेगा; उनकी ये बेसिरपैर की बातें जनता के प्रति उनकी बेरुखी और अपने बारे में झूठे आत्मप्रचार को ही दिखाने का काम कर रही हैं.
सम्मेलन से 39 सदस्यीय परिषद का चुनाव किया गया जिसने 17 सदस्यीय कार्यकारिणी का चयन किया जिसमें अध्यक्ष -विमला पाल रौथाण, उपाध्यक्ष – मुन्नी मेहता , सचिव – किशन बघरी, उप सचिव- शशि गड़िया, कोषाध्यक्ष – निर्मला शाही, उप कोषाध्यक्ष-नैन सिंह कोरंगा, संगठन मंत्री – कमल जोशी, प्रचार मंत्री – त्रिलोक शाह, पार्वती मेहरा चुने गए.
सम्मेलन का समापन नव निर्वाचित अध्यक्ष विमला पाल रौथाण ने बिंदुखत्ता वासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष को तेज करने का आह्वान करते हुए भाजपा सरकार को बिन्दुखत्तावासियों को भ्रमित करने के लिए कभी राजस्व गांव की घोषणा और अब कमेटी बनाकर भूमिधरी का अधिकार दिए जाने का झुनझुना पकड़ाने के बजाय चुनाव से पहले विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निर्वनीकरण का प्रस्ताव पारित कर केन्द्र सरकार को भेजकर वास्तव में राजस्व गांव बनाने की नसीहत देते हुए सभा का समापन किया .
सम्मेलन से 11 सूत्रीय प्रस्ताव पारित किये गये:
1. भाजपा राज्य सरकार विधानसभा से बिंदुखत्ता के निर्वनीकरण का प्रस्ताव पारित कर केंद्र से स्वीकृति लेकर मालिकाना हक और राजस्व गांव बनाने का कार्य विधानसभा चुनाव से पहले पूरा करे।
2. बिन्दुखत्ता अन्तर्गत टूटी और पुरानी जीर्ण-शीर्ण सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण तथा जिनके घरों तक पक्के रास्ते नहीं हैं उन्हें सीसी मार्ग द्वारा सड़क से जोड़ने का कार्य तत्काल शुरू किया जाए.
3. दशकों से अपने जीवन की कमाई लगाकर वन भूमि या सरकारी जमीनों में रहने वालों को सरकार द्वारा अतिक्रमण के नाम पर बिना अन्यत्र व्यवस्था किए उजाड़ने की जन विरोधी नीति वापस ली जाय।
4. सरकार की अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ने के खिलाफ तथा दशकों से वन भूमि में रहने वालों को मालिकाना हक दिलाने के लिए अखिल भारतीय किसान महासभा अन्य जनसंगठनों, किसान संगठनों को साथ लेकर मोर्चा निर्माण करेगी तथा शीघ्र ही भूमि अधिकार सम्मेलन करते हुए राज्य में वन या सरकारी भूमि में रहने वालों के मालिकाना हक के साथ पंचायत चुनावों में भागीदारी करने, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा की समुचित व्यवस्था करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन जनांदोलन शुरू किया जायेगा ।
5. भाजपा सरकार द्वारा लाये गये गोवंश संरक्षण अधिनियम 2007 से किसानों – पशुपालकों की पुश्तैनी आजिविका का साधन गोवंश को सरकारी आवारा गोवंश बनाये जाने से पशुपालकों – किसानों की फसलों की बर्बादी के साथ आर्थिक नुकसान तथा रास्तों-सड़कों पर गोवंश से राहगीरों – वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने से, हो रहे जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए, गोवंश संरक्षण अधिनियम 2007 में संशोधन कर गोवंश की स्थिति अनुसार यानि लैंणी, बाखड़ी, बैली, सांड, बैल, बछिया, बछड़े की कीमत निर्धारित कर सरकारी खरीद का प्रावधान सुनिश्चित किया जाय तथा सरकार द्वारा गोशालाओं को गोवंश की देखरेख, भरण-पोषण और गोशाला निर्माण के लिए दी जाने धनराशि सीधे पशुपालकों को आवंटित की जाय ताकि पशुपालक अलाभप्रद गोवंश को आवारा छोड़ने को बाध्य न हो और पशुपालकों, किसानों व आम जनता के जीवन को सरकारी आवारा गोवंश से हो रहे नुकसान से निजात मिल सके ।
6. बिंदुखत्ता में बिजली के पोल विधायक की संस्तुति पर अपने चहेतों के वहां लगाए जाने के बजाय जहां जहां जरूरत है विद्युत विभाग खुद पहल कर वहां पोल लगाना सुनिश्चित करें।
7. गौला नदी से हो रहे भू-कटाव के कारण बिन्दुखत्ता क्षेत्र में किसानों की कई एकड़ जमीन और कितने ही घर अब तक बह चुके हैं प्रतिवर्ष लगातार हो रहे भू-कटाव को स्थाई रूप से रोकने के लिए गौला के किनारे मजबूत तटबंध बनाते हुए फुल बट्टा से हल्द्वानी तीन पानी तक बायपास रोड बनाया जाए ।
8. घोड़ानाला में बहने वाले नाले में मगरमच्छों के बढ़ते आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए मगरमच्छों को अन्यत्र क्रोकोडाइल पार्क पहुंचाया जाए और जनता के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले पेपर मिल द्वारा प्रदूषित नाले को भूमिगत पाइपों में डाला जाय।
9. स्थानीय उद्योगों में स्थानीय बेरोजगारों को 70 प्रतिशत नियुक्ति दी जाय.
10. लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए किसान महासभा हमेशा सजग रहकर कार्य करेगी।
11. किसानों – मजदूरों व मेहनतकश नागरिकों के शोषण के लिए बनी जन विरोधी नीतियां वापस ली जाएं।
सम्मेलन में अखिल भारतीय किसान महासभा प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी, भाकपा माले जिला सचिव डा. कैलाश पाण्डेय, विमला पाल रौथाण, किशन बघरी, पुष्कर दुबड़िया, भुवन जोशी, चंदन राम, आनंद सिजवाली, निर्मला शाही, मदन धामी, गोपाल अधिकारी, शशि गड़िया, मीना जलाल, नैन सिंह कोरंगा, आइसा नेता धीरज कुमार, कमलापति जोशी, बिशन दत्त जोशी, किशन जग्गी, अंबा दत्त बसखेती, कमल जोशी, ललित जोशी, हरीश भंडारी, त्रिलोक शाह आनंद दानू, रेखा तिवारी, त्रिलोक राम, मंजू देवी, गंगा देवी, पार्वती मेहरा, किशन सिंह अधिकारी, महरूननिशा, दिनेश पलड़िया, भरत सिंह नेगी, बलवंत बिष्ट, खीम सिंह मेहरा, गोपाल नयाल, चंचल सिंह मेहता, चन्द्रशेखर पाठक, मुन्नी मेहता, मंगला रावत, हरीश टम्टा, राजेन्द्र शाह, सुरेश कुँवर, दौलत सिंह कार्की, गोपाल गड़िया समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे. सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता आनंद सिंह सिजवाली ने व संचालन किशन बघरी ने किया.

संपादक – उत्तराखण्ड उदय
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