नैनीताल में धर्मांतरण मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार: पहचान छिपाकर महिलाओं को फंसाने का आरोप, 14 दिन की न्यायिक हिरासत

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नैनीताल। जिले में चर्चाओं में रहे बहुचर्चित धर्मांतरण प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद यूनुस उर्फ एमडी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत थाना मल्लीताल में 29 अप्रैल 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया था।

तहरीर में आरोप लगाया गया कि आरोपी, निवासी कुँआताल (भीमताल), अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर अलग-अलग नामों से महिलाओं से संपर्क करता था। फोटोग्राफी, वीडियो निर्माण, ट्रैकिंग और संगीत सत्र जैसी गतिविधियों के माध्यम से वह पहले विश्वास कायम करता और फिर उन्हें अपने प्रभाव में लेता था।

शिकायत के अनुसार, वर्ष 2020 में संपर्क स्थापित करने के बाद आरोपी ने एक पीड़िता से करीब 17 लाख रुपये कैमरा, लेंस और मोबाइल जैसे उपकरणों पर खर्च कराए। इसके बाद विवाह का झांसा देकर अपनी धार्मिक पहचान छिपाई और धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया।

मामले में अन्य महिलाओं द्वारा भी इसी प्रकार के शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास की शिकायतें सामने आने के बाद प्रकरण और गंभीर हो गया। पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए विशेष टीम गठित की। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद भीमताल पुलिस, विशेष जांच दल और विशेष अभियान दल की संयुक्त टीम ने लगातार दबिश देकर आरोपी को नैनीताल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट कहा कि जनपद में धर्मांतरण से जुड़े अवैध कृत्यों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।