नैनीताल: शिक्षा माफियाओं पर प्रशासन सख्त: 49 और निजी स्कूलों को नोटिस, अब तक 99 विद्यालय कार्रवाई के घेरे में

ख़बर शेयर करें 👉

हल्द्वानी। नैनीताल जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशों पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने 49 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही जिले में अब तक नोटिस पाने वाले स्कूलों की संख्या बढ़कर 99 हो गई है।

प्रशासन द्वारा जिन विद्यालयों को नोटिस जारी किए गए हैं उनमें होली ऐंजल पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, वीवीएम पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, फन विथ ड्राइंग पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, विवेकानन्द पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, सनराइज पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, न्यू रेनबो पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, न्यू सनसाइन पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, लिटिल जीनियस पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, किड्स केयर पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, आदर्श पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, मॉडर्न पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, विद्या पुष्प एकेडमी हल्द्वानी, जेम्स पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, सृजन स्कूल गौलापार, लक्ष्मी शिशु मंदिर हल्द्वानी, मीना एकेडमी लालकुआं, होली ट्रिनिटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल लालकुआं, एचसीएम जूनियर हाईस्कूल लालकुआं, सनराइज पब्लिक स्कूल रामनगर, लिटिल स्कॉलर एकेडमी रामनगर, सेंट रूमी पब्लिक स्कूल रामनगर, यूएसआर इंदु इंटर कॉलेज बसई रामनगर, दीपक डिवाइन पब्लिक स्कूल रामनगर, मेहरा पब्लिक स्कूल रामनगर, अल्फा मिशन पब्लिक स्कूल रामनगर, शेमरॉक प्री स्कूल रामनगर, डीडीसीएम पब्लिक स्कूल रामनगर, मॉडर्न पब्लिक School रामनगर, डीएसबी पब्लिक स्कूल रामनगर, गुडलक पब्लिक स्कूल रामनगर, जय मोहन पब्लिक स्कूल रामनगर, एलएन साह प्रीपैरिटरी लर्निंग स्कूल भीमताल, डीएसएस पाल पब्लिक स्कूल भीमताल, आयुष्मान कॉन्वेंट स्कूल गरमपानी बेतालघाट, स्कॉलर हेवन स्कूल बिंदुखत्ता, एफएस बिष्ट मेमोरियल स्कूल बिंदुखत्ता, बीडी जोशी मेमोरियल स्कूल लालकुआं, ग्रीनवुड सीनियर सेकेंडरी स्कूल लालकुआं और सनवाल पब्लिक स्कूल नैनीताल शामिल हैं।

जांच में सामने आया है कि कई विद्यालय एनसीईआरटी के अलावा महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं। साथ ही कुछ स्कूल विशेष दुकानों से किताबें और अन्य सामग्री खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव बना रहे हैं। कई विद्यालयों की वेबसाइट पर फीस और बुक लिस्ट जैसी अनिवार्य जानकारी भी उपलब्ध नहीं पाई गई।

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों को 15 दिनों के भीतर संशोधित बुक लिस्ट जारी करने, एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता देने, अतिरिक्त शुल्क का समायोजन या रिफंड करने तथा वेबसाइट पर पूरी जानकारी सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर विकासखंड स्तर पर संयुक्त जांच समितियां गठित की गई हैं, जो 15 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेशों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों के खिलाफ मान्यता निलंबन, निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।