बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम दावे की स्वीकृति के दो वर्ष पूरे, सुंदरकांड और विशाल भंडारे का आयोजन

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लालकुआं/बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाए जाने के दावे को स्वीकृति मिले शुक्रवार को दो वर्ष पूरे हो गए। 19 जून 2024 को जिलास्तरीय वनाधिकार समिति द्वारा बिंदुखत्ता के राजस्व गांव दावे को मंजूरी दी गई थी, लेकिन दो साल बीत जाने के बावजूद अब तक अधिसूचना जारी नहीं होने से क्षेत्रवासियों में निराशा बनी हुई है। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को तिवारीनगर स्थित मां हाटकालिका मंदिर परिसर में सुंदरकांड पाठ और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

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वनाधिकार संगठन बिंदुखत्ता के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा शामिल हुए। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने सरकार से जल्द अधिसूचना जारी कर बिंदुखत्ता को पूर्ण राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग दोहराई।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि राजस्व गांव की मांग को लेकर क्षेत्रवासी दशकों से संघर्ष कर रहे हैं। वर्ष 2024 में दावे को स्वीकृति मिलना एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन अभी तक अधिसूचना जारी न होने के कारण लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक बिंदुखत्ता को पूर्ण राजस्व गांव का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

इस दौरान “एक ही नारा, एक ही नाम — बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। सुंदरकांड पाठ के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

आयोजकों ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राजस्व गांव की मांग को लेकर जनभावनाओं और जनसंकल्प का प्रतीक है। क्षेत्र की जनता अब सरकार से जल्द अधिसूचना जारी कर लंबे समय से लंबित इस मांग को पूरा करने की अपेक्षा कर रही है।