बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की अधिसूचना में देरी पर ग्रामीणों में रोष, 6 मई तक नहीं हुई वार्ता तो आंदोलन होगा तेज
बिंदुखत्ता। राजस्व ग्राम की अधिसूचना में लगातार हो रही देरी को लेकर बिंदुखत्ता के ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। पर्वतीय मूल के सैनिक बाहुल्य इस क्षेत्र के लोगों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 6 मई तक कोई ठोस वार्ता नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि वे पीढ़ियों से वनाश्रित हैं और वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत राजस्व ग्राम बनने की सभी पात्रताएं पूरी करते हैं। 19 जून 2024 को जिला स्तरीय समिति द्वारा प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन करीब दो वर्ष बीत जाने के बाद भी अधिसूचना जारी नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है।
इसी मांग को लेकर 4 से 6 मई 2026 तक शहीद स्मारक, बिंदुखत्ता में “जन-जन की सरकार—कब आएगी बिंदुखत्ता के द्वार” कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य केवल वनाधिकार कानून पर चर्चा करना है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है, लेकिन अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी की उपस्थिति की पुष्टि नहीं होने से ग्रामीणों में असंतोष बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 6 मई की दोपहर तक कोई वार्ता नहीं होती है, तो यह जनसभा रैली और धरना-प्रदर्शन में बदल दी जाएगी और तहसील या जिला मुख्यालय की ओर कूच किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



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