नैनीताल: निजी स्कूलों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई जारी,….अब 11 और विद्यालयों को नोटिस

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नैनीताल, 4 मई 2026। जनपद में निजी विद्यालयों की मनमानी पर जिला प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशों के क्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए पहले 17 विद्यालयों को नोटिस जारी किया गया था, वहीं अब अन्य विद्यालयों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी गई है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतों, जनसुनवाई और विभिन्न स्तरों पर प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर कई विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल रामनगर, ग्रीनवुड ग्लोबल स्कूल हल्द्वानी, ओकवार्ड पब्लिक स्कूल रामनगर, ग्रीन फील्ड एकेडमी रामनगर, मदर ग्लोरी पब्लिक स्कूल रामनगर, शाइनिंग स्टार स्कूल रामनगर, डी विटो स्कूल भवाली, महर्षि विद्या मंदिर भवाली, निर्मला कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल हल्द्वानी, क्वींस सीनियर सेकेंडरी स्कूल हल्द्वानी और द सनबीम पब्लिक स्कूल हल्द्वानी शामिल हैं।

जांच में सामने आया है कि कुछ विद्यालय एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अलावा महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके अलावा अभिभावकों को विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए बाध्य करने और विद्यालयों की वेबसाइट पर जरूरी जानकारी उपलब्ध न कराने की शिकायतें भी मिली हैं।

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह कृत्य राइट टू एजुकेशन एक्ट 2009, सीबीएसई दिशा-निर्देशों और कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के प्रावधानों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों को “नो प्रॉफिट, नो लॉस” के सिद्धांत पर संचालित किया जाना चाहिए।

संबंधित विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर बुक लिस्ट में संशोधन कर एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता देने, अनावश्यक व महंगी किताबें हटाने, वेबसाइट पर बुक लिस्ट और फीस संरचना सार्वजनिक करने तथा अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस या समायोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही, जिलाधिकारी के निर्देश पर विकासखंड स्तर पर संयुक्त जांच समिति गठित की गई है, जो पूरे मामले की जांच कर तय समय में रिपोर्ट सौंपेगी।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित विद्यालयों की मान्यता निलंबित या निरस्त की जा सकती है, साथ ही सीबीएसई को संबद्धता समाप्त करने की संस्तुति, आर्थिक दंड और अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।