अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उठाया बड़ा कदम, पत्रकारों के लिए बनाई जायेगी एसओपी

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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से यह फैसले ऐसे समय में लिया गया है जब प्रयागराज में मीडिया कर्मी बनकर आए तीन हमलावरों ने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी.

प्रयागराज में माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई की कैमरों के सामने हत्या के बाद केंद्र सरकार ने पत्रकारों के लिए बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि देश में पत्रकारों के लिए एसओपी बनाई जाएगी. इसमें इनकी सेफ्टी और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा.

इधर अतीक अहमद और अशरफ के शवों का पांच डॉक्टरों के पैनल ने अतीक का पोस्टमार्टम किया, और वीडियोग्राफी के साथ अतीक का पोस्टमार्टम हुआ. अतीक-अशरफ के शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद कसारी-मसारी स्थित कब्रिस्तान में इस्लामिक रीति-रिवाज से दफनाया गया। दोनों के शव को अतीक के बहनोई और दो रिश्तेदार लेकर पहुंचे थे। अतीक के दोनों छोटे बेटों को बाल सुधार गृह से लाया गया था। अतीक के बेटे असद की कब्र के पास ही दोनों की कब्रें खुदवाई गई थीं। अशरफ की बेटी और पत्नी जैनब भी कब्रिस्तान में मौजूद रहीं।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सजायाफ्ता माफिया पर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या की साजिश रचने का शक है. वह अभी जेल में बंद है. ऐसा शक है कि इसी माफिया के गुर्गों ने शूटर्स को हथियार मुहैया करवाया था. शूटर्स से पूछताछ में ऐसे संकेत मिल रहे हैं. उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक हत्याकांड का प्लान बनाया था. इसी माफिया ने हत्याकांड के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया करवाया था.

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