उत्तराखंड कैबिनेट के 10 बड़े फैसले: मदरसों का अनुदान होगा बंद, बिंदुखत्ता समेत इन क्षेत्रों को भूमिधरी अधिकार देने पर बड़ा कदम

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है। बैठक में शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, कुंभ मेला, कर्मचारियों के वेतनमान और भूमि अधिकार समेत कई अहम विषयों पर निर्णय लिए गए।

कैबिनेट का सबसे चर्चित फैसला अरबिया मदरसों को मिलने वाले अनुदान को लेकर लिया गया है। उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरबिया मदरसों को अनुदान योजना के बजट मानक मद को समाप्त करने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।

इसके अलावा बाबू ग्राम, चौवन बग्गा और बिंदुखत्ता के निवासियों को भूमिधरी अधिकार दिए जाने के मामले में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कैबिनेट ने इस विषय पर विचार और आगे की कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड कैबिनेट के 10 बड़े फैसले:

1.पिथौरागढ़ के मढ़धुरा में निर्माणाधीन नन्हीं परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान के आसपास की कुल 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई।
2.उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली 2026 को कैबिनेट की मंजूरी मिली।
3.पीएम पोषण योजना के तहत अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा श्रीनगर (पौड़ी) में केंद्रीकृत किचन के माध्यम से पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
4.उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
5.हरिद्वार कुंभ मेला 2027 की समवर्ती लेखा परीक्षा के लिए आवश्यक पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
6.उत्तराखंड वित्त सेवा (संशोधन) नियमावली 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
7.वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ में दो नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई।
8.विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के बेहतर संचालन के लिए पीएमयू के गठन और सात नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
9.बाबू ग्राम, चौवन बग्गा और बिंदुखत्ता के निवासियों को भूमिधरी अधिकार दिए जाने के मामले में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए।
10.वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरबिया मदरसों को अनुदान योजना के बजट मानक मद को समाप्त करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी।

कैबिनेट के इन फैसलों में विशेष रूप से बिंदुखत्ता समेत तीन क्षेत्रों के निवासियों के भूमिधरी अधिकारों से जुड़ा मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से भूमि अधिकारों की मांग कर रहे लोगों के लिए कमेटी गठन का फैसला आगे की प्रक्रिया की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

वहीं, विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के संचालन के लिए पीएमयू और नए पदों को मंजूरी मिलने से राज्य के युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ेगी।

सरकार ने पर्यटन गतिविधियों से जुड़ी रिवर राफ्टिंग और क्याकिंग नियमावली में संशोधन, कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ तथा कुंभ मेला 2027 की तैयारियों से जुड़े प्रस्तावों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।