धामी कैबिनेट के 5 बड़े फैसले: अल्पसंख्यक आयोग संशोधन से लेकर तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। कैबिनेट बैठक में कुल पांच प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें अल्पसंख्यक आयोग संशोधन, आरक्षण से जुड़े प्रावधान, भाषा संस्थान संशोधन और निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना जैसे अहम विषय शामिल रहे।

बैठक में उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने को मंजूरी दी गई। संविधान के अनुच्छेद-29 के तहत अल्पसंख्यक वर्गों के हितों को संरक्षण देने के उद्देश्य से राज्य में मुस्लिम, जैन, ईसाई, बौद्ध, पारसी और सिख समुदाय के अधिकारों की रक्षा और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आयोग के कार्यक्षेत्र को मजबूत करने का निर्णय लिया गया। साथ ही आयोग को पूर्णकालिक अवधि देने का भी प्रावधान किया गया है।

कैबिनेट ने उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा – शारीरिक रूप से दिव्यांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1993 (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दे दी। इसके तहत राज्य की सेवाओं में पूर्व सैनिकों को आरक्षण का लाभ देने से संबंधित प्रावधानों को विधायी रूप देने का निर्णय लिया गया है।

इसके अलावा उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। बैठक में उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी गई, जिसके तहत राज्य में तीन नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। इनमें नैनीताल जिले में माउंट वैली विश्वविद्यालय, जबकि देहरादून जिले में तुलाज विश्वविद्यालय और शिवालिक विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट ने उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। यह विधेयक ब्रिटिश कालीन सार्वजनिक द्यूत अधिनियम 1867 को निरस्त कर नए कानून के तहत सार्वजनिक जुए, जुआ घरों के संचालन और खेलों में सट्टेबाजी पर रोक लगाने तथा इसके लिए दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है।