उत्तराखंड में ढोंगी बाबाओं पर बड़ा प्रहार, “ऑपरेशन कालनेमी” में 11 नकली साधु गिरफ्तार
उत्तराखंड शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कालनेमी के तहत रुड़की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने वाले 11 बहरूपिये बाबाओं को दबोच लिया है। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भेष बदलकर कानून से खेलने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है।
जानकारी के अनुसार, लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग साधु-संत और बाबा का भेष धारण कर भीख और चमत्कार के नाम पर आम लोगों से ठगी कर रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर इन नकली बाबाओं को गिरफ्तार किया।
पुलिस कार्रवाई में जिन आरोपियों को पकड़ा गया है, उनमें गणेश पुत्र माधवराव निवासी नागपुर (हाल पता नया पुल, रुड़की), नौशाद पुत्र इमरान निवासी खतौली मुजफ्फरनगर (हाल पता रुड़की), श्रवण उर्फ मांगा निवासी रुड़की, जितेंद्र निवासी बुलंदशहर, अरविंद निवासी सहसपुर, सोहेल निवासी लक्सर, रोहित, पंगनाथ, कलम नाथ, मुकेश और छोटेलाल शामिल हैं। इनमें से कई आरोपी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के निवासी बताए जा रहे हैं, जो रुड़की क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर बाबा का भेष बनाकर सक्रिय थे।
पुलिस का कहना है कि ये सभी आरोपी आस्था का सहारा लेकर लोगों को भ्रमित कर रहे थे और भीख व ठगी के जरिए अवैध कमाई कर रहे थे। अभियान के तहत इनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
रुड़की पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी तरह के ढोंगी बाबा, तांत्रिक या चमत्कार दिखाने वालों के झांसे में न आएं। यदि कहीं भी आस्था के नाम पर ठगी या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने दो टूक कहा है कि आस्था का सम्मान है, लेकिन उसके नाम पर ढोंग और ठगी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


आज का राशिफल (09 फरवरी 2026): जानिए; क्या कहते हैं आज आपके भाग्य के सितारे…!
हल्द्वानी: युवती का पीछा कर जबरन शादी का दबाव, इनकार पर पत्थर से हमला, आरोपी पर केस दर्ज