बिंदुखत्ता की बेटी का राष्ट्रीय मंच पर जलवा: भावना जोशी ने जूडो चैंपियनशिप में जीता कांस्य,….अब एशिया में दिखाएंगी दम
लालकुआं/बिंदुखत्ता। कहते हैं कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, और इसे एक बार फिर साबित कर दिखाया है बिंदुखत्ता की बेटी भावना जोशी ने। राष्ट्रीय कैडेट जूडो चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए भावना ने कांस्य पदक जीतकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन कर दिया है। उनकी इस उपलब्धि के बाद बिंदुखत्ता क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाइयां देने पहुंच रहे हैं।
चंडीगढ़ के सेक्टर-23 स्थित टेबल टेनिस हॉल में जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (JFI) के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट जूडो प्रतियोगिता में देशभर के चुनिंदा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबलों के बीच भावना ने अपने दमदार खेल से विरोधियों को चुनौती देते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
घोड़ानाला निवासी भुवन जोशी की पुत्री भावना वर्तमान में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के स्पोर्ट्स कॉलेज भोपाल में प्रशिक्षण ले रही हैं। लगातार कठिन अभ्यास, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का ही नतीजा है कि आज उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
भावना की सफलता यहीं नहीं रुकी है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने के बाद अब उनके लिए अंतरराष्ट्रीय मंच का रास्ता भी खुल गया है। संभावना है कि वह आगामी एशियाई कैडेट जूडो चैंपियनशिप-2026 में भारतीय टीम का हिस्सा बनकर देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 15 से 17 जुलाई तक जॉर्डन की राजधानी अम्मान में आयोजित होगी।
अपनी सफलता पर भावना ने अपने कोच दिनेश कुमार को श्रेय देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और विश्वास ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। वहीं खेल विशेषज्ञों का मानना है कि भावना में भविष्य की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है और आने वाले वर्षों में वह उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
भावना की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उत्तराखंड की बेटियां हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। अब पूरे प्रदेश की निगाहें जॉर्डन में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप पर टिकी हैं, जहां भावना जोशी भारत के लिए पदक जीतने का सपना लेकर उतरेंगी।


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