घरों में जलेंगे दीप, जेल में कटेगी दीपावली! मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू को कोर्ट से झटका, भतीजे समेत भेजे गए जेल

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झांसी से गिरफ्तारी के बाद न्यायालय में हुई पेशी, 44 मुकदमों का आपराधिक इतिहास; अब चार कंपनियों के दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन खंगाल रही एसआईटी

देहरादून। दीपावली का त्योहार नजदीक है। घरों में दीप जलेंगे, बाजारों में रौनक होगी और परिवार एक साथ बैठकर खुशियां मनाएंगे। लेकिन उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के लिए इस बार दीपावली का नजारा बिल्कुल अलग होगा। जिस समय लोग अपने घरों को रोशन करने की तैयारियों में जुटे हैं, उस समय साहू को जेल की चारदीवारी के भीतर रहना होगा।

दून पुलिस ने गिरधारी लाल साहू को झांसी से गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को न्यायालय में पेश किया। अदालत के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में उसके भतीजे सतेंद्र राठौर को भी जेल भेजा गया है। गिरफ्तारी के बाद से ही यह मामला चर्चाओं में है।

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44 मुकदमों का आपराधिक इतिहास

पुलिस के मुताबिक, गिरधारी लाल साहू का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा समेत विभिन्न अपराधों के 44 मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा बरेली में वह गैंगस्टर भी रह चुका है। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज इन मामलों के चलते उसकी गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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अब कारोबार और वित्तीय लेनदेन पर एसआईटी की नजर

गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच का दायरा अब उसके कारोबारी मामलों तक भी पहुंच गया है। एसआईटी चार कंपनियों से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन और आयकर रिटर्न की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह समझने में जुटी है कि कंपनियों के माध्यम से किस तरह के कारोबारी लेनदेन किए गए।

सूत्रों के अनुसार, आगे की पूछताछ के लिए एसआईटी गिरधारी लाल साहू की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी में है। इसके लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

त्योहार पर परिवार से दूर रहेंगे साहू

दीपावली खुशियों, रोशनी और अपनों के साथ समय बिताने का त्योहार है। लेकिन इस बार गिरधारी लाल साहू और उनके भतीजे सतेंद्र राठौर को त्योहार जेल में बिताना होगा। एक तरफ घरों में दीप जलेंगे और आतिशबाजी से आसमान रोशन होगा, वहीं दूसरी तरफ साहू की दीपावली जेल की सलाखों के पीछे गुजरेगी। अब सबकी निगाहें एसआईटी की अगली जांच और पुलिस कस्टडी रिमांड की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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