उत्तराखंड में एंट्री होते ही फास्‍टैग से कटेगा ग्रीन सेस: 24 घंटे के लिए होगा वैलिड, कार-ट्रक किस पर कितना लगेगा Tax, जानें

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उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर ग्रीन सेस वसूली की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य में एंट्री करते ही अब वाहनों के फास्टैग से ग्रीन सेस स्वतः कटेगा। इसकी शुरुआत हरिद्वार जिले के नारसन चेकपोस्ट से कर दी गई है। लंबे समय से चल रही तैयारी और तीन दिन के सफल ट्रायल के बाद सरकार ने यह व्यवस्था लागू कर दी है।

नए साल में राज्य सरकार की मंशा ग्रीन सेस लागू करने की थी, जिसके तहत बॉर्डर क्षेत्रों में ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए। इन कैमरों की मदद से बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की पहचान की जा रही है और फास्टैग के माध्यम से ग्रीन सेस वसूला जा रहा है।

अब तक उत्तराखंड में केवल बाहरी राज्यों की कमर्शियल गाड़ियों से एंट्री टैक्स लिया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत निजी वाहन भी ग्रीन सेस के दायरे में आ गए हैं। सरकार का कहना है कि चारधाम यात्रा से पहले इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।

ग्रीन सेस एक बार कटने के बाद 24 घंटे तक मान्य रहेगा। इस दौरान वाहन को दोबारा शुल्क नहीं देना होगा। वहीं, कुछ श्रेणियों के वाहनों को इस टैक्स से राहत भी दी गई है।

ग्रीन सेस के नियम और दरें

* फास्टैग से ऑटोमैटिक कटेगा ग्रीन सेस
* शुल्क 24 घंटे के लिए मान्य
* एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों को छूट
* दोपहिया वाहन, इलेक्ट्रिक और CNG गाड़ियों को राहत
* मध्यम और भारी माल वाहनों पर 250 रुपये
* 12 सीटर से अधिक बसों पर 140 रुपये
* कार और मैक्सी कैब पर 80 रुपये
* 7 एक्सल से अधिक भारी वाहनों पर 700 रुपये

सरकार का कहना है कि ग्रीन सेस से मिलने वाली राशि का उपयोग पर्यावरण संरक्षण, यातायात व्यवस्था सुधार और चारधाम यात्रा में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा। साथ ही, लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर प्रोत्साहित करने का भी उद्देश्य है।