कोटद्वार ‘बाबा दुकान’ विवाद में नया मोड़; मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में खड़े दीपक पर दर्ज हुई FIR

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उत्तराखंड के कोटद्वार शहर में पिछले कुछ दिनों से चल रहा तनाव अब कानूनी कार्रवाई की जद में आ गया है. दुकान से बाबा नाम हटाने को लेकर शुरू हुआ ये विवाद शनिवार को उग्र प्रदर्शन में बदल गया था.

अब मामले में पौड़ी पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए कई संगठनों के व्यक्तियों और अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ अलग अलग धाराओं में केस दर्ज किए हैं. दरअसल, मामला 26 जनवरी का है. इस दिन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इलाके में पिछले 30 सालाें से दुकान चला रहे बुजुर्ग की दुकान में बाबा नाम लिखे जाने को लेकर आपत्ति जताई थी. इसके बाद मौके पर खूब ड्रामा हुआ था. इसके बाद मामले में दीपक की एंट्री हुई थी. उन्होंने मामले का बीच बचाव किया लेकिन इसके बाद मामला और गरमा गया. इसके बाद फिर बीते 31 जनवरी को शहर में भारी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था. इस दौरन पुलिस से उनकी मामूली झड़प भी हो गई थी.

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पुलिस की बड़ी कार्रवाई FIR दर्ज
जानकारी के अनुसार 31 जनवरी को बजरंग दल के कार्यकर्ता देहरादून से कोटद्वार पहुंचे थे. यहां उन्होंने जमकर हंगाम किया. आरोप है कि इस दौरान जब प्रर्दनशकारियों ने पुलिस ने रोकने के लिए बैरियर लगाए गए थे. लेकिन उन्होंने इसे हटा दिया. इसके बाद न 30 से 40 शहरभर में उग्र नारेबाजी और गाली गलौच की गई. जब पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो इस दौरान अज्ञात व्यक्तियों पे पुलिस के साथ ही धक्का-मुक्की कर दी. अब इलाके में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ पौड़ी पुलिस ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है. इसी के तहत मामले में उपनिरीक्षक विनोद चपराना अलग अलग धाराओं में आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है.


इसके अलावा दो शिकायतें और हुई दर्ज
वकील अहमद (दुकानदार का बेटा): इनकी शिकायत पर मारपीट और गाली-गलौज की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है.
कमल पाल: इन्होंने दीपक उर्फ अक्की, विजय रावत और अन्य के खिलाफ जाति-सूचक शब्दों का प्रयोग करने और जान से मारने की नीयत से हमला करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है.

पुलिस ने क्या कहा?
वही इस मामले में पौड़ी पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति अथवा संगठन को अराजकता फैलाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. शांति भंग करने, अफवाह फैलाने अथवा उकसावेपूर्ण गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अफवाहों पर ध्यान ना दें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें.

क्या था मामला?
मामला 26 जनवरी का है इस दिन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं कोटद्वार के पटेल मार्ग पटेल मार्ग स्थित एक 30 सालों से संचालित दुकान (बोर्ड में बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर) पर पहुंचे थे. उन्होंने यहां दुकान के बोर्ड में लिखें बाबा नाम पर आपत्ति जताई थी. कार्यकर्ताओं का तर्क था कि कोटद्वार में केवल एक ही बाबा हैं वो हैं सिद्धबली बाबा. इसके बाद उन्होंने मौके पर बुजुर्ग दुकानदार पर दुकान का नाम बदलने का दबाव बनाया. इसी दौरान दीपक कुमान ने दुकानदार का पक्ष लेते हुए बीच बचाव किया और बहज बाजी के दौरान अपना नाम पूछे जाने पर खुद को मोहम्मद दीपक बताया. इसके बाद मामला और गरमा गया. शनिवार को इसी विवाद के विरोध में देहरादून से आए कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला और दीपक के जिम का घेराव किया. स्थिति इतनी अनियंत्रित हो गई कि सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में तैनात पुलिसकर्मियों को भी मौके पर बुलाना पड़ा था.