उत्तराखंड के लिए रेल बजट में 4641 करोड़ रुपये, इस रेल परियोजना को मिली मंजूरी

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उत्तराखंड में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए केद्रीय बजट में 4641 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल को आवंटित बजट से कहीं अधिक है। इससे उत्तराखंड में चल रही रेल परियोजनाओं के निर्माण को रफ्तार मिलेगी। 63 किलोमीटर लंबी किच्छा-खटीमा रेल लाइन के लिए 228 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में रेल बजट में उत्तराखंड की हिस्सेदारी को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड में मजबूत रेल नेटवर्क बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए बजट की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इस बार उत्तराखंड के लिए जो बजट आवंटित किया गया है, उससे राज्य में रेल नेटवर्क के विस्तार में और तेजी आएगी।

वैष्णव ने बताया कि केंद्र में नरेन्द्र मोदी सरकार के आने के बाद 2014 से 2025 तक उत्तराखंड में 69 किलोमीटर नई रेल पटरियां बिछी हैं जबकि इसी अवधि में 303 किलोमीटर रेल लाइन का विद्युतीकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले, 2009-2014 के बीच यह आंकड़ा शून्य था। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की हर रेलवे लाइन बिजलीयुक्त है।

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उन्होंने बताया कि प्रदेश में देहरादून, हरिद्वार जंक्शन, हर्रावाला, काशीपुर जंक्शन, काठगोदाम, किच्छा, कोटद्वार, लालकुआं जंक्शन, रामनगर, रुड़की और टनकपुर सहित 11 स्टेशनों को 147 करोड़ रुपये की लागत से अमृत स्टेशनों के रूप में विकसित किया जा रहा है ।

उत्तराखंड के लिए रेल बजट में 4641 करोड़ रुपये, इस रेल परियोजनाओं को मंजूरी

उत्तराखंड में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए केद्रीय बजट में 4641 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल को आवंटित बजट से कहीं अधिक है। इससे उत्तराखंड में चल रही रेल परियोजनाओं के निर्माण को रफ्तार मिलेगी। 63 किलोमीटर लंबी किच्छा-खटीमा रेल लाइन के लिए 228 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी।

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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में रेल बजट में उत्तराखंड की हिस्सेदारी को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड में मजबूत रेल नेटवर्क बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए बजट की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इस बार उत्तराखंड के लिए जो बजट आवंटित किया गया है, उससे राज्य में रेल नेटवर्क के विस्तार में और तेजी आएगी।

वैष्णव ने बताया कि केंद्र में नरेन्द्र मोदी सरकार के आने के बाद 2014 से 2025 तक उत्तराखंड में 69 किलोमीटर नई रेल पटरियां बिछी हैं जबकि इसी अवधि में 303 किलोमीटर रेल लाइन का विद्युतीकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले, 2009-2014 के बीच यह आंकड़ा शून्य था। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की हर रेलवे लाइन बिजलीयुक्त है।

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उन्होंने बताया कि प्रदेश में देहरादून, हरिद्वार जंक्शन, हर्रावाला, काशीपुर जंक्शन, काठगोदाम, किच्छा, कोटद्वार, लालकुआं जंक्शन, रामनगर, रुड़की और टनकपुर सहित 11 स्टेशनों को 147 करोड़ रुपये की लागत से अमृत स्टेशनों के रूप में विकसित किया जा रहा है ।

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