ऊधमसिंह नगर: यहां फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर से आधार किए जा रहे थे अपडेट, सेंटर सील

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ऊधमसिंह नगर। जिले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्रमाणपत्र बनाए जाने का मामला अभी थमा भी नहीं था कि सितारगंज क्षेत्र से एक और गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आ गया है। मंडी परिसर स्थित बाल विकास कार्यालय में संचालित आधार केंद्र पर फर्जी फिंगरप्रिंट मोहर के जरिए अवैध रूप से आधार कार्ड अपडेट किए जा रहे थे। गोपनीय सूचना के आधार पर प्रशासन ने छापेमारी की, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद आधार केंद्र को अग्रिम आदेश तक सील कर दिया गया है और आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

गांव बरुआबाग, झाड़ी निवासी गुरप्रीत सिंह ने प्रशासन को शिकायत दी थी कि मंडी परिसर स्थित आधार केंद्र पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है और फिंगरप्रिंट की मोहर के माध्यम से अवैध रूप से आधार अपडेट किए जा रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार हिमांशु जोशी ने राजस्व टीम के साथ मंगलवार को आधार केंद्र पर छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान यह सामने आया कि गांव बिडौरा, मझोला निवासी विक्रम सिंह आधार केंद्र का अधिकृत संचालनकर्ता है, लेकिन उसकी शह पर मो. फैजान द्वारा फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर बनाकर आधार केंद्र का संचालन किया जा रहा था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आधार कार्ड में संशोधन और अपग्रेडेशन के नाम पर लोगों से तय शुल्क से कहीं अधिक पैसे वसूले जा रहे थे। केंद्र पर किसी भी प्रकार की शुल्क सूची भी चस्पा नहीं की गई थी, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

प्रशासनिक टीम ने मौके से दो लैपटॉप, फर्जी फिंगरप्रिंट मोहर समेत अन्य उपकरण जब्त कर लिए और आधार केंद्र को अग्रिम आदेश तक सील कर दिया। फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर बनाकर जालसाजी किए जाने के मामले में पुलिस को तहरीर सौंप दी गई है।

तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि फर्जी फिंगरप्रिंट मोहर जब्त कर ली गई है और आधार केंद्र को सील कर दिया गया है। ओवर रेट वसूली के मामले में आगे की कार्रवाई के लिए ई-डिस्ट्रिक मैनेजर से पत्राचार किया गया है। आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।