उत्तराखंड: 4 जून के बाद बड़ा प्रशासनिक फेरबदल और इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर हो सकता है फैसला
उत्तराखंड। लोकसभा चुनाव के परिणाम 4 जून को आने वाले हैं। इसको लेकर सभी अपने अपने तरीके से तैयारियों में जुटे हैं। 4 जून का जितनी बेसब्री से सियासी दलों को इंतजार है। उतना ही सचिवालय, मंत्रियों और जनता को भी है।
आचार संहिता लागू होने की वजह से लगभग दो माह से कई काम अटके हुए हैं। अब उम्मीद लगाई जा रही है कि चार जून को इंतजार खत्म होते ही सरकारी काम और योजनाएं पटरी पर आ जाएंगी।
सबसे ज्यादा चर्चा चार जून को लेकर सचिवालय में नजर आ रही है। माना जा रहा है कि 4 जून के बाद प्रशासनिक फेरबदल होगा। जिसमें कई सचिवों को आचार संहिता के दौरान लापरवाही बरतने का परिणाम भुगतना होगा। ऐसे में कई सचिवों को प्रमोशन तो कही को सीएम धामी की नाराजगी भी झेलनी पड़ सकती है।
इसके अलावा मंत्रियों को सबसे ज्यादा 4 जून का इंतजार है। दो माह से अपने विभागों में रुके हुए काम को अब आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। हालांकि परिणामों की समीक्षा के बाद कई मंत्रियों पर गाज भी गिर सकती है। खासकर जहां वोटिंग परसेंटेज काफी कम रहा।
इसके अलावा मंत्रिमंडल की खाली पड़ी तीन कुर्सियां कब भरेंगी। इसको लेकर भी सुगबुगाहट है। साथ ही संगठन में दायित्व का इंतजार कर रहे कार्यकर्ताओं को भी 4 जून के बाद कुछ लॉटरी लगने की प्रतिक्षा है। जहां तक धामी सरकार के काम काज की बात रही तो सरकार 4 जून के बाद खुलकर बैटिंग करने के संकेत दे चुकी है।
जिस तरह के परिणाम होंगे उसी तरह का धामी सरकार में बदलाव निश्चित माना जा रहा है। अगर सभी सीटों पर पार्टी की उम्मीद से बेहतर परिणाम आए तो धामी की धमक बढ़नी तय है। ऐसे में आने वाले समय में कुछ ओर दमदार और ठोस निर्णय लेने की उम्मीद जताई जा रही है।
साथ ही समान नागरिक संहिता लागू होने और वेरिफिकेशन ड्राइव में तेजी आने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में चार जून के बाद सरकार अब फैसले लेने के मूड में नजर आ रही है।
इन बिुदंओं पर रहेगी नजर
प्रशासनिक फेरबदल
मंत्रियों की परफोर्मेंस
मंत्रीमंडल विस्तार या फेरबदल
दायित्वधारियों पर फैसला
यूूसीसी कानून
वेरिफिकेशन ड्राइव
कैबिनेट बैठक में बड़े फैसलों पर मुहर

संपादक – उत्तराखण्ड उदय
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