उत्तराखंड SIR में 95 हजार वोटरों का मामला, Form-7 हुए ऑटो-जेनरेट; जानिए अब क्या करना होगा
देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। SIR के दौरान करीब 1.73 लाख Form-7 आवेदन सामने आए हैं। इनमें 95 हजार से अधिक मामले ऐसे हैं, जिनमें सुनवाई के बाद संबंधित मतदाताओं को ‘अयोग्य’ मार्क किया गया और इसके बाद Form-7 सिस्टम से अपने आप जेनरेट हुआ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम के कार्यालय के अनुसार, इन मामलों में मतदाता रिकॉर्ड में ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ यानी रिकॉर्ड संबंधी विसंगति पाई गई थी। सुनवाई के दौरान जरूरी दस्तावेज पेश नहीं करने या संबंधित मतदाता अथवा परिवार के किसी सदस्य के उपस्थित नहीं होने पर ERO/AERO की ओर से मामले को ECI-Net पर ‘इनएलिजिबल’ मार्क किया गया। इसके बाद Form-7 ऑटो-जेनरेट हुआ और नाम को मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया के लिए मार्क किया गया।
क्या है ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’?
‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ अपने आप में किसी मतदाता को अयोग्य साबित नहीं करती। यह मतदाता रिकॉर्ड में किसी विसंगति या असामान्य स्थिति को लेकर सिस्टम से सामने आने वाला अलर्ट है। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाता को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया जाता है।
यदि ERO/AERO दस्तावेज और अन्य प्रमाणों से संतुष्ट होते हैं तो मामला मतदाता के पक्ष में सुलझाया जा सकता है। वहीं, जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने या सुनवाई में मतदाता अथवा परिवार के किसी सदस्य के शामिल नहीं होने पर संबंधित मामले को ‘इनएलिजिबल’ मार्क किया जा सकता है।
1.73 लाख Form-7 क्यों चर्चा में हैं?
SIR के दौरान करीब 1.73 लाख Form-7 आवेदन सामने आए हैं। Form-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जाता है। इससे पहले दायर 1.30 लाख से अधिक Form-7 आवेदनों में चार जिलों—ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल—की हिस्सेदारी 85 फीसदी से अधिक बताई गई थी।
इस आंकड़े को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से सवाल भी उठाए गए हैं। वहीं CEO कार्यालय का कहना है कि SIR की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है।
अब क्या करना होगा?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ‘इनएलिजिबल’ मार्क किए गए मतदाताओं के लिए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का रास्ता बंद नहीं होता। CEO कार्यालय के अनुसार, ऐसे मतदाता Form-6 के माध्यम से निर्धारित दस्तावेजों के साथ मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने का अनुरोध कर सकते हैं। यह प्रक्रिया अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद भी चुनाव से पहले उपलब्ध रहेगी।
उत्तराखंड में SIR की अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जानी है। CEO उत्तराखंड की वेबसाइट पर SIR-2026, ड्राफ्ट रोल और मतदाता संबंधी अन्य जानकारी उपलब्ध है।

संपादक – उत्तराखण्ड उदय
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