बिंदुखत्ता: भादो की चटक धूप भी नहीं रोक पाई राजस्व गांव बनाने की मुहिम, पांचवें दिन सैकड़ों लोगों ने घर-घर पहुंचकर किया जनजागरण

ख़बर शेयर करें 👉

बिंदुखत्ता, 19 अगस्त 2026। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 15 अगस्त से शुरू हुई घर-घर जनजागरण पदयात्रा बुधवार को पांचवें दिन भी जारी रही। भादो के महीने में सुबह बादल छाए रहने के बाद निकली तेज धूप के बावजूद सैकड़ों ग्रामीण पदयात्रा में शामिल हुए और घर-घर पहुंचकर लोगों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया।

पदयात्रा मां हाट कालिका मंदिर, इंदिरानगर-2 से शुरू होकर इंदिरानगर गब्दा स्थित मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान वन अधिकार संगठन, पूर्व सैनिक संगठन, राज्य आंदोलनकारी तथा विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भागीदारी की।

पदयात्रा में शामिल लोगों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग और इसके लिए चलाए जा रहे आंदोलन की जानकारी दी। इस दौरान लोगों से अपील की गई कि बिंदुखत्ता के अधिकारों की इस लड़ाई को मजबूत करने के लिए प्रत्येक परिवार और नागरिक अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

‘सिर्फ प्रशासनिक नहीं, अधिकारों से जुड़ा सवाल’
अभियान के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग केवल प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों के पंचायत, विकास और मूलभूत नागरिक अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल है।

आयोजकों के मुताबिक, पदयात्रा का उद्देश्य बिंदुखत्ता के प्रत्येक गांव और प्रत्येक घर तक पहुंचकर लोगों को जागरूक करना तथा अधिक से अधिक लोगों को जनअभियान से जोड़ना है।

27 सितंबर को होगी विशाल जनसभा और रैली
आयोजकों ने बताया कि यह जनजागरण पदयात्रा आगे भी जारी रहेगी। बारिश, धूप और अन्य कठिन परिस्थितियों की परवाह किए बिना अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा। इसी क्रम में आगामी 27 सितंबर को शहीद स्मारक स्थल पर विशाल जनसभा और रैली आयोजित करने की घोषणा की गई है।

आयोजकों का कहना है कि जनसभा के माध्यम से बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग को और मजबूती से उठाया जाएगा तथा निर्णायक संघर्ष के लिए जनमत तैयार किया जाएगा।

पदयात्रा में वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, पदयात्रा संयोजक दीपक जोशी एडवोकेट, बलवंत बिष्ट, भरत नेगी, भगवान सिंह धामी, नंदन बोरा, सुशील यादव, नवीन जोशी, भूपेश जोशी, ममता बिष्ट, राधा दानू, संध्या डालाकोटी, दीपक रौतेला, प्रकाश जोशी, उत्तराखंडी, सोहन लाल, दीपक पाठक, महेश फ़ुलारा, संजय भट्ट, दीपू पाण्डे, वीरेंद्र दानू, मनोज दानू, नंदन जग्गी, सहित सैकड़ों क्षेत्रवासी मौजूद रहे।