जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा बिन्दुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

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नई दिल्ली/लालकुआं, भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय ने उत्तराखंड के नैनीताल जिले के बिन्दुखत्ता को वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत राजस्व ग्राम घोषित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। यह कदम क्षेत्र के ग्रामीणों के अधिकारों को सुनिश्चित करने और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

मंत्रालय को नैनीताल निवासी कमल पांडे और इंदु भट्ट द्वारा ऑनलाइन शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों में बिन्दुखत्ता वन गांव को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग की गई थी। मंत्रालय ने प्रमुख सचिव, उत्तराखंड सरकार, को पत्र लिखकर इस मामले पर आवश्यक कार्रवाई करने और प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत वन गांवों को राजस्व ग्राम में बदलने का उद्देश्य जंगलों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि इस प्रक्रिया में सभी दिशानिर्देशों और नीतियों का पालन हो।

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बिन्दुखत्ता के निवासियों के लिए यह एक बड़ी राहत और आशा की किरण है। ग्रामीणों का मानना है कि भारत सरकार के इस कदम से लंबे समय से लंबित अधिकार जल्द ही सुनिश्चित होंगे और उनके जीवन में सुधार होगा।

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यह पहल जनजातीय कार्य मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि वह वन क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों के अधिकारों और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।

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