नैनीताल में फिर बाघ का कहर: घास काट रही महिला को उठाकर 2 किलोमीटर तक घसीटा, जंगल में मिली लाश, गांव में दहशत

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नैनीताल। जिले के पहाड़ी इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। धारी ब्लॉक के खटियाखाल गांव में बाघ के हमले में 35 वर्षीय महिला गंगा देवी की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना न सिर्फ इलाके में बढ़ते बाघ के आतंक को उजागर करती है, बल्कि वन विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंगा देवी रोज की तरह अपने घर के पास घास काट रही थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाघ महिला को जबड़े में दबोचकर करीब दो किलोमीटर तक घसीटता हुआ जंगल की ओर ले गया। महिला की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बाघ घने जंगल में ओझल हो चुका था।

घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। वन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसके बाद जंगल से महिला का शव बरामद किया गया। शव की हालत देखकर ग्रामीणों में गुस्सा और डर दोनों साफ नजर आए। पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।

आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ की सक्रियता बनी हुई थी, इसकी शिकायतें भी की गईं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि अगर समय रहते बाघ को पकड़ने या इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते, तो गंगा देवी की जान बच सकती थी।

ग्रामीणों ने आतंकी बाघ को जल्द से जल्द पकड़ने या क्षेत्र से हटाने की मांग की है। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग उठाई गई है। घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है।

प्रशासन की ओर से मृतक महिला के परिजनों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। वहीं, वन विभाग का कहना है कि बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और उसे पकड़ने के लिए रणनीति बनाई जा रही है। हालांकि, लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बीच ग्रामीणों का भरोसा अब कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।