श्रीमद देवी भागवत महाज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन भक्तिरस में डूबा बिंदुखत्ता, माँ भगवती को बताया प्रेम का सागर

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बिंदुखत्ता (इंद्रनगर द्वितीय)। श्री बिंदेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद देवी भागवत महाज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन शनिवार को कथा स्थल भक्तिरस में सराबोर नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में देवी महात्म्य का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

द्वितीय दिवस की कथा में कथावाचक परम श्रद्धेय पंडित मनोज जोशी शास्त्री जी ने माँ भगवती जगदम्बा के दिव्य स्वरूप और महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि माँ भगवती प्रेम का सागर हैं और अपने भक्तों पर सदैव करुणा और कृपा की वर्षा करती हैं। शास्त्री जी ने श्रद्धालुओं से माँ जगदम्बा का नित्य ध्यान और स्मरण करने की अपील करते हुए कहा कि जो भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ माँ की शरण में रहता है, उसके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति स्वतः प्राप्त होती है।

कथावाचक ने बताया कि माँ जगदम्बा जगत की जननी हैं, जो अपने बच्चों के कष्ट हरने के लिए सदैव तत्पर रहती हैं। उनके चरणों में सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी निष्फल नहीं जाती। कथा के दौरान श्रद्धालु भजनों और जयकारों के साथ भावविभोर होते नजर आए।

कथा के दौरान मंदिर प्रांगण में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन समिति के अध्यक्ष शेर सिंह दानू, कोषाध्यक्ष गोकुलानंद उपाध्याय, सचिव देव सिंह देवली सहित राधा वल्लभ, चेतन पांडे, मनोज बसनायत, सागर शर्मा, विपिन चंद्र जोशी, बीना जोशी, नंदन ऐरी, शिवराज बिष्ट, रणजीत मेहरा, संजय टाकूली, किसन, सूर सिंह, पूरन नगरकोटी, कैलाश जोशी, सीमा रावत, बबीता बसनायत, सरिता गंगोला, देवकी गोस्वामी, माया उपाध्याय, पुष्पा भंडारी, गीता दानू, ईश्वर काला, धीरज कुंवर, भगवत डांगी, रमेश गोस्वामी, इंदर सिंह दानू, पवन सनवाल, पंकज गोस्वामी, अमित दानू, विजय सामंत, भैरव दत्त नागिला, कैलाश ताकुली, पुष्कर दानू, राजू भंडारी, लक्ष्मण भंडारी, जीवन सिंह रावत, देवेंद्र सिंह फर्स्वाण सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।