उत्तराखंड में विजिलेंस का बड़ा एक्शन: तहसील कार्यालय में रिश्वत लेते दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला

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हल्द्वानी। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई की है। सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की ट्रैप टीम ने ऊधमसिंह नगर जिले की सितारगंज तहसील में तैनात संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार करने का दावा किया है। आरोप है कि भूमि की कुर्की से जुड़ी कार्रवाई समाप्त कराने और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण की आरसी के मामले में रिश्वत मांगी गई थी।

शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि सितारगंज तहसील में तैनात संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा भूमि पर जारी कुर्की आदेश समाप्त कराने, जमीन को बंधनमुक्त कराने और शिकायतकर्ता की पत्नी के KCC ऋण पर जारी आरसी की कार्रवाई समाप्त करने के एवज में रुपये मांग रहे थे।

शिकायत के मुताबिक संग्रह अमीन की ओर से ₹10 हजार और वरिष्ठ सहायक की ओर से ₹6 हजार की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने उसका सत्यापन कराया। आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देशन में निरीक्षक के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई।

इसके बाद 29 जुलाई 2026 को विजिलेंस टीम ने सितारगंज तहसील कार्यालय में जाल बिछाया। टीम ने संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा को शिकायतकर्ता से ₹8 हजार और वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा को ₹6 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार करने का दावा किया।

दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी गई है।

सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत टोल-फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर की जा सकती है।