एक हादसा… दो दोस्तों की मौत! सिद्धार्थ के बाद 5 दिन जिंदगी से जंग लड़कर अयान ने भी तोड़ा दम

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लालकुआं। गोरापड़ाव राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने दो दोस्तों की जिंदगी छीन ली। हादसे वाले दिन 16 वर्षीय सिद्धार्थ सिंह की मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल 20 वर्षीय अयान खान ने पांच दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद बुधवार सुबह दम तोड़ दिया। छह दिन के भीतर एक ही मोहल्ले के दो युवकों की मौत से लालकुआं क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, 3 जुलाई की शाम लालकुआं के वार्ड नंबर-4 निवासी सिद्धार्थ सिंह पुत्र उदयवीर सिंह और अयान खान पुत्र शमशेर खान बाइक से हल्द्वानी गए थे। देर शाम दोनों बाइक से वापस लालकुआं लौट रहे थे। इसी दौरान गोरापड़ाव राष्ट्रीय राजमार्ग पर कथित तौर पर रॉन्ग साइड से आ रहे एक कैंटर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

हादसा इतना भीषण था कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

दोनों को सुशीला तिवारी चिकित्सालय, हल्द्वानी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सिद्धार्थ सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं अयान खान की गंभीर हालत को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

पांच दिन तक जिंदगी के लिए लड़ता रहा अयान

अयान का पहले हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में उपचार चला। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे बरेली के भोजीपुरा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां पांच दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद बुधवार सुबह अयान ने अंतिम सांस ली।

अयान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। कुछ दिन पहले ही सिद्धार्थ की मौत से क्षेत्र के लोग सदमे में थे और अब अयान की मौत ने पूरे मोहल्ले को एक बार फिर शोक में डुबो दिया।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था अयान

बताया जा रहा है कि 20 वर्षीय अयान खान ने इसी वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। परिवार में तीन भाई और दो बहनें हैं। वह दूसरे नंबर का पुत्र था और परिवार लालकुआं में अपनी नानी अमीना बेगम के मकान में रहता है।

बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद अयान का शव घर पहुंचा तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मोहल्ले के लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

मेधावी छात्र और प्रतिभाशाली खिलाड़ी था सिद्धार्थ

वहीं, हादसे में जान गंवाने वाला 16 वर्षीय सिद्धार्थ सिंह पढ़ाई में मेधावी छात्र था। वह अपने पिता उदयवीर सिंह के साथ कराटे का प्रशिक्षण भी लेता था और क्षेत्र के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में गिना जाता था।

दो दोस्तों की असमय मौत ने पूरे लालकुआं क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक ही हादसे में दो परिवारों के जवान बेटों की जिंदगी खत्म हो जाने से क्षेत्र में शोक का माहौल है।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर हाईवे पर रॉन्ग साइड ड्राइविंग और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने और हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।