बदरीनाथ दान चोरी विवाद: मंदिर समिति के अध्यक्ष के सरकारी पीए पर FIR,….क्या-क्या लगे आरोप?
उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में दान राशि की गिनती के दौरान कथित चोरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मंदिर समिति के अध्यक्ष के सरकारी पीए प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है.
इससे पहले मंगलवार शाम उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था. अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बदरीनाथ के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पासवान ने थाना बदरीनाथ में लिखित शिकायत देकर बताया कि विभागीय जांच समिति की शुरुआती जांच में प्रमोद नौटियाल प्रथम दृष्टया मंदिर की दान राशि को सुबह करीब 9 बजे से 9:30 बजे के बीच थाली भेंट गणना स्थल से अवैध रूप से उठाते हुए पाए गए. इस प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर मंदिर समिति ने पहले उन्हें निलंबित किया और बाद में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए.
देर रात दर्ज हुई एफआईआर
मंदिर प्रशासन की शिकायत मिलने के बाद मंगलवार देर रात करीब 12:30 बजे थाना बदरीनाथ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 और 316(5) के तहत प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने इस मामले की जांच थाना प्रभारी महादेव उनियाल को सौंपी है, जिन्होंने जांच शुरू कर दी है.
सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों से होगी पूछताछ
जांच अधिकारी ने बताया कि मंदिर समिति द्वारा अब तक की गई विभागीय कार्रवाई, जांच रिपोर्ट और 2 जुलाई को दान गिनती में तैनात सभी कर्मचारियों से मांगे गए स्पष्टीकरण की प्रतियां जुटाई जा रही हैं. इसके अलावा, 2 जुलाई के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जाएंगे ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दान राशि के साथ वास्तव में क्या हुआ था और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी.
दान गिनती में श्रद्धालु और साधु भी थे मौजूद
मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि 2 जुलाई को दान गिनती के दौरान मंदिर कर्मचारियों के अलावा 11 से 12 श्रद्धालु और तीन साधु भी स्वेच्छा से मौजूद थे. ऐसे में जांच केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उस समय मौजूद सभी लोगों की भूमिका और गतिविधियों की भी समीक्षा की जाएगी.
विधायक ने उठाए बड़े सवाल
बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र के विधायक लखपत बुटोला ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी इतनी बड़ी कथित चोरी अकेला कोई व्यक्ति नहीं कर सकता. उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे किसी प्रभावशाली व्यक्ति या संगठित नेटवर्क का हाथ हो सकता है. विधायक ने मांग की कि जांच निष्पक्ष और गहन हो तथा यदि किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है तो उसका नाम भी सार्वजनिक किया जाए.
उन्होंने कहा कि सनातन आस्था के प्रमुख केंद्रों में से एक बदरीनाथ धाम की गरिमा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. फिलहाल पुलिस विभागीय जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.


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