Budget 2026: आम आदमी को राहत की सौगात, लेकिन मिडिल क्लास को टैक्स में झटका; जानिए क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा

ख़बर शेयर करें 👉

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए इसे ‘सुधार एक्सप्रेस’ की अगली कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर परिवार, समुदाय और वर्ग तक संसाधन, सुविधाएं और अवसर समान रूप से पहुंचें। बजट में गरीब, किसान, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गईं, लेकिन मिडिल क्लास को इनकम टैक्स के मोर्चे पर कोई राहत नहीं दी गई, जिससे निराशा देखने को मिली।

वित्त मंत्री ने साफ किया कि आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है और स्टैंडर्ड डिडक्शन भी पहले की तरह ही रहेगा। टैक्स राहत की उम्मीद लगाए बैठे मिडिल क्लास को झटका लगने के साथ ही शेयर बाजार पर भी इसका असर दिखा। बजट के बाद बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और निफ्टी-50 करीब पौने तीन फीसदी गिरकर 25,600 के नीचे पहुंच गया।

बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस रखा गया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जो मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई और सिलीगुड़ी–वाराणसी जैसे अहम रूट्स को जोड़ेंगे। इससे कनेक्टिविटी के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।

टेक्सटाइल सेक्टर के लिए मेगा टेक्सटाइल पार्क, नेशनल फाइबर स्कीम, मैन मेड फाइबर और नेशनल हैंडलूम पॉलिसी की घोषणा की गई है। इससे कारीगरों को तकनीकी सहायता मिलेगी और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। वहीं स्वास्थ्य के मोर्चे पर सरकार ने बड़ी राहत देते हुए डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं को सस्ता करने का ऐलान किया है, जिससे लाखों मरीजों का आर्थिक बोझ कम होगा।

मेक-इन-इंडिया को मजबूती देने के लिए मोबाइल पार्ट्स, पीसीबीए और कैमरा लेंस पर आयात शुल्क घटाया गया है। इससे भारत में बने स्मार्टफोन और टैबलेट सस्ते हो सकते हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लिथियम-आयन बैटरी से जुड़े कच्चे माल पर ड्यूटी में छूट दी गई है, जिससे ईवी कारें और दोपहिया वाहन सस्ते होने की उम्मीद है। सोलर पैनल और सोलर सेल पर शुल्क घटने से घरों में सोलर सिस्टम लगवाना भी आसान होगा।

विदेश यात्रा, शिक्षा और मेडिकल खर्च के लिए टीसीएस दर घटाई गई है, जिससे ओवरसीज एजुकेशन और टूर पैकेज सस्ते पड़ेंगे। वहीं खेल-कूद के सामान को किफायती बनाने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल है, जिससे युवाओं और खिलाड़ियों को सीधा लाभ मिलेगा। बायोगैस और ग्रीन एनर्जी से जुड़े उपकरणों पर रियायतें देकर पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा दिया गया है।

हालांकि बजट में कुछ चीजें महंगी भी हुई हैं। लग्जरी घड़ियां, इम्पोर्टेड शराब, कॉफी मशीन और कुछ केमिकल खाद पर छूट खत्म होने से इनके दाम बढ़ सकते हैं। इसके अलावा खनिज, स्क्रैप, फ्यूचर ऑप्शन ट्रेडिंग और प्रॉपर्टी से जुड़े टैक्स में भी सख्ती की गई है।

कुल मिलाकर बजट 2026 का असर सिर्फ टैक्स स्लैब तक सीमित नहीं है, बल्कि इलाज, रोजमर्रा की जरूरतों, निवेश, ऊर्जा और रोजगार से जुड़े कई क्षेत्रों पर सीधा प्रभाव डालने वाला है। जहां एक ओर आम आदमी को सस्ती दवाओं, सस्ते इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं मिडिल क्लास को टैक्स में राहत न मिलने से निराशा भी साफ नजर आ रही है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि बजट 2026 आम लोगों की जेब पर कितना हल्का और कितना भारी साबित होता है।