दिल्ली: CM केजरीवाल 50 दिन बाद जेल से रिहा, निकलते ही दिया बड़ा बयान,…देखें वीडियो

ख़बर शेयर करें 👉

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आ चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को एक जून तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में केजरीवाल को कई शर्तों के साथ जमानत देने का आदेश दिया। 2 जून को केजरीवाल को सरेंडर करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें चुनाव प्रचार के लिए किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाई है।

सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम ज़मानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से 50 दिन बाद बाहर निकले केजरीवाल ने कहा, “मैंने कहा था मैं जल्दी आऊंगा, आ गया. सबसे पहले मैं हनुमान जी के चरणों में वंदना करना चाहता हूं, हनुमान जी के आशीर्वाद से आज मैं आप सब लोगों के बीच में हूं.”

यह भी पढ़ें 👉  14 मई का राशिफल: जानिए, क्या कहते हैं आज आपके भाग्य के सितारे…….!

केजरीवाल ने कहा, “मैं आप सब लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. देश भर के करोड़ों-करोड़ों लोगों ने अपनी दुआएँ, अपना आशीर्वाद मुझे भेजा. मैं सुप्रीम कोर्ट के जजों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिनकी वजह से आज मैं आप लोगों के बीच में हूं.”

केजरीवाल ने कहा, “हम सबको मिलकर देश को तानाशाही से बचाना है. मैं तन, मन, धन से लड़ रहा हूं, तानाशाही के ख़िलाफ़ संघर्ष कर रहा हूं, लेकिन 140 करोड़ लोगों को तानाशाही के ख़िलाफ़ लड़ना होगा.”

इन शर्तों पर मिली राहत, किसी भी फाइल पर दस्तखत नहीं कर सकेंगे

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने एक जून तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी। प्रवर्तन निदेशालय के नौ समन के बाद केजरीवाल की 21 मार्च को गिरफ्तारी हुई थी। करीब 50 दिन बाद उन्हें राहत मिली है। उन्हें यह राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तें लगाईं हैं, जिनका उन्हें पालन करना होगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: पंतनगर एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप, बढ़ाई गई सुरक्षा

अरविंद केजरीवाल को समर्पण कर दो जून को जेल में लौटना होगा।

उन्हें 50 हजार रुपये का मुचलका भरना होगा।

केजरीवाल आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी भूमिका पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकेंगे।

उन्हें अपने इस बयान का पालन करना होगा कि वे किसी भी आधिकारिक फाइल पर तब तक दस्तखत नहीं करेंगे, जब तक कि मामला उपराज्यपाल से मंजूरी हासिल करने जितना जरूरी न हो।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: यहां दो नाबालिक बहनों के साथ विशेष समुदाय के लड़कों ने होटल में किया दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

केजरीवाल मुख्यमंत्री कार्यालय और दिल्ली सचिवालय में नहीं जाएंगे।

वे किसी भी गवाह से बात नहीं कर सकेंगे और मामले से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों को नहीं देख सकेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणियां कीं

  1. अरविंद केजरीवाल को दी गई अंतरिम जमानत को उनके खिलाफ मामले से जुड़े गुण-दोष पर दी गई राय न माना जाए।
  2. केजरीवाल के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, लेकिन वे अब तक दोषी करार नहीं दिए गए हैं।
  3. उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, न ही वे समाज के लिए खतरा हैं।
  4. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर समग्र और उदार दृष्टिकोण उचित है।
  5. केजरीवाल डेढ़ साल तक बाहर थे। उन्हें (ईडी द्वारा) पहले या बाद में गिरफ्तार किया जा सकता था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।