बड़ी खबर: उत्तराखंड के ‘भगत दा’ को मिला पद्म भूषण, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया सम्मानित

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नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया। राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में उन्हें लोक कार्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत केंद्र सरकार के कई मंत्री और गणमान्य लोग मौजूद रहे। पहले नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति ने कुल 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किए, जिनमें 2 पद्म विभूषण, 6 पद्म भूषण और 58 पद्म श्री शामिल रहे।

उत्तराखंड में ‘भगत दा’ के नाम से प्रसिद्ध भगत सिंह कोश्यारी को सामाजिक सेवा, शिक्षा, पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन में लंबे योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया है। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के गरीब और पिछड़े वर्गों के उत्थान तथा राष्ट्र सेवा को समर्पित किया है।

17 जून 1942 को बागेश्वर जिले के दूरस्थ गांव पलानधुरा में जन्मे भगत सिंह कोश्यारी ने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त की और अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत व्याख्याता के रूप में की, लेकिन बाद में समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में पूरी तरह सक्रिय हो गए।

उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वे पहले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा वे राज्यसभा सांसद, नैनीताल-ऊधमसिंह नगर से लोकसभा सांसद और महाराष्ट्र के राज्यपाल भी रहे। अगस्त 2020 में उन्हें गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था।

भगत सिंह कोश्यारी ने उत्तराखंड आंदोलन और राज्य के विकास को लेकर “उत्तरांचल प्रदेश क्यों” और “उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान” जैसी पुस्तकें भी लिखीं। उनका जीवन सादगी, अनुशासन और राष्ट्र सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण माना जाता है।