बड़ी खबर! सीएम धामी के निर्देश, प्रदेश भर में लगेगा ‘स्वास्थ्य पखवाड़ा’, 4604 शिविरों में मिलेंगी मुफ्त जांच और दवाएं

ख़बर शेयर करें 👉

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर प्रदेशभर में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक “स्वास्थ्य पखवाड़ा” आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से लेकर महात्मा गांधी जयंती तक चलने वाले इस अभियान की तैयारियों की कमान स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने संभाल ली है। उन्होंने सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए।

यह भी पढ़ें 👉  आज का राशिफल (07 फरवरी 2026): जानिए; क्या कहते हैं आज आपके भाग्य के सितारे…!


स्वास्थ्य पखवाड़े के दौरान राज्यभर में मेडिकल कॉलेजों, जिला व उपजिला अस्पतालों, सीएचसी और उपकेंद्रों पर 4604 स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इनमें मरीजों को मुफ्त जांच, परामर्श और दवाएं मिलेंगी। साथ ही बड़े पैमाने पर रक्तदान शिविर भी आयोजित होंगे, जिनमें आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।


बैठक में बताया गया कि अल्मोड़ा में 522, बागेश्वर में 109, चमोली में 206, चम्पावत में 120, देहरादून में 425, हरिद्वार में 367, नैनीताल में 367, पिथौरागढ़ में 679, पौड़ी में 573, रुद्रप्रयाग में 239, टिहरी में 533, ऊधमसिंह नगर में 256 और उत्तरकाशी में 208 शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में गर्भवती महिलाओं, टीबी मरीजों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित रोगियों के लिए विशेष परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  खौड़ बालिका विद्यालय में वार्षिकोत्सव और विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा आयोजन


स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं हर व्यक्ति तक पहुँचाना है। इस पखवाड़े को सफल बनाने के लिए हेल्थ डेस्क, एसओपी, मेडिकल कॉलेज स्तर पर रक्तदान शिविर, विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के सहयोग जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड-नेपाल बॉर्डर पर बड़ा हादसाः बारातियों से भरी बस खाई में गिरी, 13 की मौत, 34 गंभीर घायल


उन्होंने कहा कि यह अभियान सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक करने और स्वैच्छिक भागीदारी को बढ़ावा देने का एक बड़ा अवसर साबित होगा।