उत्तराखंड: शिक्षा विभाग में फिर हुए बंपर तबादले, लिस्ट हुई जारी

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उत्तराखण्ड शासन, कार्मिक अनुभाग-2 की अधिसूचना संख्या-153/xxx(2)/2015-3(2) 2010 दिनांक 09 अप्रैल 2015 एवं उत्तराखण्ड शासन, कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-2 की अधिसूचना संख्या-178539/XXx(2)/2023-E 43208 दिनांक 29 दिसम्बर 2023 द्वारा जारी उत्तराखण्ड सरकारी सेवक पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण (संशोधन) नियमावली 2023 के कम में निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा, उत्तराखण्ड, देहरादून के पत्रांक /सेवा-3 (1)/58/3761/2024-25 दिनांक 10 जून 2024 के द्वारा प्राप्त अनुमोदन के उपरान्त उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम-2017 की धारा-18 (2) में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत गठित समिति की संस्तुति पर निम्नांकित कनिष्ठ सहायक (वेतनमान रू0 21700-69100, लेवल-03) को वरिष्ठ सहायक (वेतनमान रू0 29200-92300, लेवल-05) के पद पर पदोन्नत किया जाता है।

पदोन्नत कार्मिकों को अपने वर्तमान तैनाती स्थल पर ही कार्यभार ग्रहण करना होगा, पदस्थापना आदेश पृथक से जारी किये जायेगें। यह पदोन्नति नितान्त अस्थाई है, जो बिना पूर्व सूचना के किसी भी समय निरस्त की जा सकती है। इस संबंध में यदि कोई न्यायालयी वाद विचाराधीन हो तो यह पदोन्नति मा० न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी। पदोन्नत कार्मिकों को पदोन्नति का वास्तविक वित्तीय लाभ नवीन पदोन्नत स्थल / नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के बाद ही नियमानुसार अनुमन्य होगा। जिन कार्मिकों के सम्मुख औपबन्धिक अंकित किया गया है,

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वे वर्तमान तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करेंगे तथा पूर्व में जारी सूची के अनुसार उनके द्वारा वांछित अभिलेख उपलब्ध कराने पर ही उक्त पदोन्नति/पदस्थापन का वास्तविक लाभ देय होगा। इसका पदोन्नति/पदस्थापन आदेश पृथक से जारी किया जायेगा। जनपद चमोली के बद्रीनाथ विधान सभा तथा हरिद्वार के मंगलौर विधान सभा क्षेत्र में उप चनुाव होने के कारण चुनाव आदर्श आचार संहिता प्रभावी है। अतः इस सूची में अंकित जनपद हरिद्वार एवं चमोली में कार्यरत् कार्मिक आदर्श आचार संहिता समाप्त होने के उपरान्त ही वर्तमान तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करेंगे तथा वास्तविक वित्तीय लाभ नवीन तैनाती स्थान पर कार्यभार गहण करने के उपरान्त ही देय होगा। कांउसिलिंग के उपरान्त वरिष्ठ सहायक पद पर पदस्थापना आदेश निर्गत होने के फलस्वरूप नवीन तैनाती स्थल पर निर्धारित समयान्तर्गत कार्यभार ग्रहण न करने वाले कार्मिकों पर ही उत्तराखण्ड राज्याधीन सेवाओं में पदोन्नति का परित्याग (Forgo) नियमावली 2020 के प्राविधान लागू होंगे तथा उनकी यह पदोन्नति स्वतः ही निरस्त समझी जायेगी।