अंकिता भंडारी केस पर CM धामी का बड़ा बयान: वायरल ऑडियो पर उठाए सवाल, बोले….
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर उत्तराखंड से लेकर देशभर में आक्रोश देखने को मिल रहा है। दिल्ली में प्रवासी उत्तराखंडियों द्वारा इंसाफ मार्च निकाले जाने के साथ ही राज्य में मामले की सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई है। इसी बीच अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस पूरे प्रकरण पर खुलकर सामने आए हैं।
सीएम धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है और राज्य सरकार ने इस केस में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया। उन्होंने हाल ही में वायरल हुए ऑडियो-वीडियो की सत्यता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया।
मुख्यमंत्री मंगलवार को देहरादून में भारत सरकार की जीरामजी योजना को लेकर आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उनसे अंकिता भंडारी केस पर सवाल किया गया।
वायरल ऑडियो-वीडियो पर उठाए सवाल
सीएम धामी ने कहा कि वायरल ऑडियो-वीडियो में कभी हत्या तो कभी आत्महत्या की बात कही जा रही है, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर संदेह होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के ऑडियो सामने लाकर प्रदेश में भ्रम और हंगामा फैलाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अंकिता हत्याकांड की जांच उस समय आईपीएस रेणुका के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने पूरी गंभीरता से की थी। आईपीएस रेणुका वर्तमान में सीबीआई में कार्यरत हैं, जो जांच की निष्पक्षता को दर्शाता है।
“अगर हमारे लोग दोषी होते, तो नाम सामने आते”
सीएम धामी ने तीखे शब्दों में कहा,
“अगर मेरे बगल में बैठे प्रदेश अध्यक्ष या महामंत्री किसी अपराध में दोषी होते और जेल जा रहे होते, तो क्या नाम सामने नहीं आता? अगर कोई बड़ा नाम होता, तो जांच में जरूर सामने आता।”
उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच के दौरान सरकार ने अखबारों में विज्ञापन तक जारी किए थे, ताकि किसी के पास अगर कोई भी जानकारी हो तो वह सरकार या न्यायालय को दे सके।
राजनीति पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता को इंसाफ दिलाने के लिए सरकार ने पूरी ताकत झोंकी। दोषियों को एक दिन भी बाहर नहीं आने दिया गया और उन्हें उम्रकैद की सजा दिलाई गई। इसके बावजूद इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण है।
सीएम धामी ने कहा,
“अंकिता की आत्मा को शांति मिले, इसके लिए जरूरी है कि इस मामले को राजनीति का अखाड़ा न बनाया जाए। राजनीति करने के और भी रास्ते हैं।”
देशभर में बढ़ता आक्रोश
गौरतलब है कि हाल के दिनों में वायरल ऑडियो-वीडियो के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। दिल्ली समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और पूरे उत्तराखंड में सीबीआई जांच की मांग उठ रही है।


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