कैंची धाम मेले को लेकर प्रशासन अलर्ट: 15 जून को लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के लिए खास इंतजाम, 254 बसें और 250 टैक्सियां रहेंगी तैनात
नैनीताल। बाबा नीम करौरी महाराज के स्थापना दिवस पर 15 जून को आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मंदिर परिसर स्थित सभागार में अधिकारियों, मंदिर समिति और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में यातायात, सुरक्षा, पार्किंग, शटल सेवा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण समेत सभी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कैंची धाम मेले को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
254 बसें और 250 टैक्सी-मैक्सी से होगी शटल सेवा
बैठक में परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हल्द्वानी, काठगोदाम, नैनीताल, भीमताल, भवाली और खैरना से विशेष शटल सेवा संचालित की जाएगी। इसके लिए 254 बसें और 250 टैक्सी-मैक्सी वाहनों की व्यवस्था की गई है।
निर्धारित किराया इस प्रकार रहेगा—
हल्द्वानी से कैंची धाम – ₹150 प्रति यात्री
नैनीताल एवं भीमताल से – ₹100 प्रति यात्री
भवाली एवं खैरना से – ₹50 प्रति यात्री
मेले में नहीं लगेंगे फूड वैन और सड़क किनारे भंडारे
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए मेले के दौरान यात्रा मार्ग पर फूड वैन, ठेले और सड़क किनारे भंडारे लगाने पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों को मार्ग से अतिक्रमण हटाने और रास्ते को पूरी तरह साफ रखने के निर्देश दिए गए हैं।
शिप्रा नदी और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष फोकस
जिलाधिकारी ने वन विभाग को निर्देश दिए कि शिप्रा नदी में किसी भी प्रकार का कूड़ा न जाने पाए। इसके लिए नदी क्षेत्र को विभिन्न जोन में बांटकर निगरानी की जाएगी। वहीं नगर पालिका भवाली, भीमताल और जिला पंचायत को यात्रा मार्ग व मंदिर क्षेत्र में अतिरिक्त सफाई कर्मी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें तैनात रहेंगी। क्षेत्र में तीन एंबुलेंस और मेडिकल टीमें भी 24 घंटे मौजूद रहेंगी। भीड़ नियंत्रण के लिए वैकल्पिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें और कैंची धाम क्षेत्र की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं।


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